पत्रकार को कथित तौर पर 24 घंटे के भीतर गोली मारने की धमकी देने का आरोप
थाने में दी गई शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता पत्रकारिता एवं समाचार संकलन का कार्य करते हैं। उनका आरोप है कि 13 अगस्त को पत्रकारिता कार्य एवं विज्ञापन के सिलसिले में अंकुर खरवार नामक व्यक्ति से संपर्क हुआ था। इसके बाद उन्हें कुछ लोगों के संबंध में गंभीर जानकारी प्राप्त हुई, जिसके आधार पर उन्होंने संबंधित गतिविधियों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मामले की जानकारी सामने आने के बाद कुछ लोग नाराज हो गए और कथित रूप से पत्रकार को डराने-धमकाने तथा मामले को दबाने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि बाद में उसे कथित गैर-कानूनी गतिविधियों का खुलासा न करने के लिए दबाव बनाया गया तथा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं। 22 अगस्त की घटना को लेकर शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, सुबह करीब 10:30 बजे कुछ नामजद लोग उसके घर पहुंचे। वहां उसकी माता, पत्नी तथा अन्य ग्रामीणों की मौजूदगी में कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और कथित तौर पर 24 घंटे के भीतर गोली मारने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता ने इस घटना को अपने तथा अपने परिवार की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। तहरीर में नामजद व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच और कठोर कानूनी कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया गया है।
यदि किसी पत्रकार को उसके समाचार संकलन अथवा पत्रकारिता कार्य के कारण धमकी दी जाती है, तो यह गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि वास्तविकता सामने आ सके और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके।
अब देखना यह है कि पुलिस इस गंभीर शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपितों के विरुद्ध क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं।

