सीएससी परिसर में दवा जलाने का वीडियो वायरल, डीएम ने दिए जांच के आदेश
बाउंड्रीवाल के पास जलते मिले कार्टून और दवाओं के रैपर, वीडियो सामने आते ही स्वास्थ्य महकमे में मचा हड़कंप
जफराबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नेहरूनगर सिरकोनी के परिसर में कथित तौर पर दवाएं और कार्टून जलाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। वीडियो सामने आने के बाद मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में पहुंचा, जिस पर उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पूरे प्रकरण की जांच कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।वायरल वीडियो में स्वास्थ्य केंद्र की बाउंड्रीवाल के पास कुछ सामान जलता हुआ दिखाई दे रहा है। इसमें कार्टून के साथ दवाओं के रैपर अथवा दवा से संबंधित सामग्री नजर आ रही है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। मामला गंभीर होने के कारण इसकी सूचना अधिकारियों तक पहुंची।
जिलाधिकारी के निर्देश के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी गंगाराम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नेहरूनगर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी राजीव कुमार से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि उन्होंने मामले की जांच की है। जांच के दौरान स्वास्थ्य केंद्र परिसर में कुछ जले हुए कार्टून तथा दवाओं के रैपर दिखाई पड़े। इसके बाद उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के स्टॉक का मिलान और जांच कराई। उनके अनुसार दवाओं का स्टॉक सही पाया गया है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दवा अथवा दवा से संबंधित सामग्री जलाए जाने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर परिसर में क्या जलाया जा रहा था और वहां दवाओं के रैपर व कार्टून कैसे पहुंचे। विभागीय जांच में इन सभी बिंदुओं को स्पष्ट किया जाना है।
अधिकारियों के निर्देश पर अब मामले की जांच आगे बढ़ रही है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जलाया गया सामान वास्तव में दवाओं से संबंधित था या फिर कोई अन्य सामग्री थी। फिलहाल वायरल वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
दवा जैसी महत्वपूर्ण सामग्री के निस्तारण की प्रक्रिया को लेकर भी लोगों की निगाहें अब जांच पर टिकी हैं। यदि दवाएं या दवा से संबंधित सामग्री जलाए जाने की पुष्टि होती है तो यह भी जांच का विषय होगा कि उसे नष्ट करने की प्रक्रिया क्या थी और इसके लिए किस स्तर से अनुमति अथवा निर्देश दिए गए थे। विभागीय जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।


जिम्मेदार लोग भाव विहीन हो चुके है और सामाजिकता मर चुकी है
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