दीवानी न्यायालय अधिवक्ता संघ में चुनावी बिगुल, 25 से शुरू होगा नामांकन
चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही तेज हुई सरगर्मी, अध्यक्ष पद के लिए 30 वर्ष की विधि व्यवसाय अवधि अनिवार्य
जौनपुर। दीवानी न्यायालय अधिवक्ता संघ जौनपुर की कार्यकारिणी के वर्ष 2026 के चुनाव का बिगुल बज गया है। शुक्रवार को मुख्य चुनाव अधिकारी राजेंद्र प्रसाद सिंह (आरपी सिंह) ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी। कार्यक्रम सामने आते ही अधिवक्ता संघ में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। संभावित प्रत्याशियों ने अपने-अपने स्तर से संपर्क अभियान शुरू करने के साथ चुनावी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। 25 अगस्त से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी।
सहायक चुनाव अधिकारी गौरी शंकर मिश्र ने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए 30 वर्ष की विधि व्यवसाय अवधि निर्धारित की गई है। उपाध्यक्ष के दो पदों के लिए भी 30 वर्ष की अवधि अनिवार्य होगी। वहीं मंत्री पद के लिए 15 वर्ष, सहमंत्री पद के लिए 10 वर्ष, उपमंत्री के दो पदों के लिए सात वर्ष तथा लेखा निरीक्षक पद के लिए 15 वर्ष की विधि व्यवसाय अवधि निर्धारित की गई है। इसके अलावा कार्यकारिणी सदस्य के सात पदों के लिए भी चुनाव कराया जाएगा।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार नामांकन फार्म 24 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शाम 4:30 बजे तक प्राप्त किए जा सकेंगे। निर्धारित नामांकन राशि के साथ 700 रुपये अतिरिक्त जमा करने होंगे। अध्यक्ष पद के लिए छह हजार रुपये, उपाध्यक्ष के लिए पांच हजार, मंत्री के लिए पांच हजार, सहमंत्री और उपमंत्री के लिए तीन-तीन हजार रुपये तथा लेखा निरीक्षक एवं कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए 2,500 रुपये नामांकन राशि तय की गई है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार जमा की गई नामांकन राशि किसी भी परिस्थिति में वापस नहीं होगी।
नामांकन पत्र 25 और 26 अगस्त को दोपहर दो बजे से शाम चार बजे तक निर्धारित चुनाव अधिकारियों के समक्ष दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद 27 अगस्त को सुबह 10:30 बजे से शाम चार बजे तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। नामांकन वापसी के लिए 29 अगस्त को दोपहर 2:30 बजे से शाम चार बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। इसी दिन शाम 4:30 बजे प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी।
चुनाव अधिकारियों ने चुनावी आचार-व्यवस्था को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है। स्पष्ट किया गया है कि 21 अगस्त से चुनाव संपन्न होने तक संघ भवन, दीवानी न्यायालय परिसर अथवा मुरलीधर उपाध्याय भवन में किसी प्रत्याशी द्वारा पोस्टर या बैनर लगाया गया तो उसका नामांकन निरस्त माना जाएगा। इसके अलावा चुनाव की घोषणा से लेकर चुनाव अवधि तक अभद्रता, नारेबाजी अथवा प्रदर्शन करने वाले प्रत्याशी को तत्काल चुनाव से वंचित किया जा सकता है।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होते ही दीवानी न्यायालय अधिवक्ता संघ में सियासी माहौल गरमाने लगा है। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मंत्री समेत विभिन्न पदों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे अधिवक्ताओं ने अपने समर्थकों से संपर्क तेज कर दिया है। अब 25 अगस्त से शुरू होने वाली नामांकन प्रक्रिया के साथ चुनावी तस्वीर भी धीरे-धीरे साफ होने लगेगी। किस पद पर कौन-कौन मैदान में उतरता है और किसके पक्ष में अधिवक्ताओं का रुझान बनता है, इस पर सभी की नजरें टिक गई हैं।

