कैशलेस चिकित्सा से शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को वंचित करना मंजूर नहीं: नीरज सिंह
माध्यमिक शिक्षणेतर संघ का डीआईओएस कार्यालय पर जोरदार धरना, सितंबर में विधानसभा घेराव की चेतावनी
जौनपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेतर संघ जौनपुर के बैनर तले कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। करीब 300 कर्मचारियों की मौजूदगी में सरकार के खिलाफ जमकर आवाज बुलंद की गई। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ देने समेत जनपद स्तर की समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग उठाई।धरने का नेतृत्व करते हुए संघ के जिलाध्यक्ष नीरज सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की है, लेकिन शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है। एक ही विद्यालय में साथ-साथ काम करने वाले शिक्षक और कर्मचारी के बीच इस तरह का भेदभाव न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षणेत्तर कर्मचारी भी विद्यालय व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें भी समान चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए।
संगठन के संरक्षक दिनेश सिंह ने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिल रही है, जबकि उन्हीं विद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को इससे वंचित कर दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि कर्मचारी अब इस भेदभाव को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते संगठन की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो लगातार धरना-प्रदर्शन और हड़ताल का रास्ता अपनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि सितंबर माह में विधानसभा का घेराव किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
धरने के दौरान कर्मचारियों ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में लंबित जनपद स्तरीय समस्याओं का तत्काल निस्तारण कराने की मांग भी उठाई। साथ ही कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार को समाप्त करने की मांग करते हुए अधिकारियों से प्रभावी कार्रवाई की अपील की गई।
धरना समाप्त होने के बाद कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सह जिला विद्यालय निरीक्षक विवेक कुमार सिंह को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की मांगों का शीघ्र समाधान कराने और जनपद स्तर की समस्याओं का अविलंब निस्तारण कराने की मांग की गई।
धरने को विजय सिंह, अमित सिंह, पंकज सिंह, शशिप्रकाश सिंह, मोनू, आलोक सिंह समेत अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन लाल बहादुर विश्वकर्मा ने किया।

