स्वतंत्रता दिवस पर दीवानी न्यायालय में पहली बार गूंजी प्रभात फेरी, कबूतर उड़ाकर दिया शांति और सद्भाव का संदेश
जौनपुर। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर के दीवानी न्यायालय परिसर में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, शांति और सामाजिक सद्भाव का अद्भुत संगम देखने को मिला। स्वतंत्रता दिवस समारोह इस बार अपने अनूठे आयोजन के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। जिला जज सुशील कुमार शशि एवं बार अध्यक्ष सुभाष चंद्र यादव ने अन्य न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं की मौजूदगी में ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को सलामी दी। इसके बाद शांति, प्रेम और भाईचारे के प्रतीक सफेद कबूतरों को खुले आकाश में उड़ाकर देश और समाज को अमन-चैन का संदेश दिया गया।
दीवानी न्यायालय के इतिहास में पहली बार निकली प्रभात फेरी
इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस समारोह इसलिए भी ऐतिहासिक बन गया, क्योंकि दीवानी न्यायालय परिसर में पहली बार स्कूली बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई। मोहम्मद हसन कॉलेज से आए स्काउट के बच्चों ने जिला जज प्रांगण से अधिवक्ता संघ प्रांगण तक अनुशासनबद्ध ढंग से कदम से कदम मिलाते हुए शानदार बैंड की धुन पर प्रभात फेरी निकाली। बच्चों की जोशीली कदमताल और देशभक्ति के नारों से पूरा कचहरी परिसर गूंज उठा। *‘भारत माता की जय’ और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के गगनभेदी नारों ने वातावरण में राष्ट्रप्रेम और उत्साह का संचार कर दिया।*
कबूतर उड़ाकर दिया शांति का संदेश
ध्वजारोहण के उपरांत सफेद कबूतर उड़ाने का दृश्य समारोह का विशेष आकर्षण रहा। न्यायिक अधिकारियों एवं बार के पदाधिकारियों द्वारा कबूतरों को खुले आसमान में उड़ाकर यह संदेश दिया गया कि न्याय, शांति, सद्भाव और भाईचारा ही मजबूत एवं समृद्ध समाज की आधारशिला है। आयोजन ने स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व को केवल औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर सामाजिक एकता और सौहार्द का संदेश देने वाले अवसर में बदल दिया।
न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने साथ मनाई खुशियां
मुख्य कार्यक्रमों के समापन के बाद अधिवक्ता संघ प्रांगण में भव्य सहभोज का आयोजन किया गया। इसमें न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और न्यायालय से जुड़े लोगों ने एक साथ बैठकर स्वतंत्रता दिवस की खुशियां साझा कीं। सहभोज ने न्यायिक परिवार के बीच आपसी सौहार्द, सहयोग और भाईचारे की भावना को और मजबूत किया।
इस गरिमामयी आयोजन में बार अध्यक्ष सुभाष चंद्र यादव, महामंत्री रण बहादुर यादव के अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता सत्येंद्र सिंह, रमेश चंद उपाध्याय, अवधेश सिंह, जयप्रकाश सिंह ‘कामरेड’, रमेश सोलंकी, हिमांशु श्रीवास्तव, प्रदीप निषाद, निलेश निषाद, अवधेश यादव, अविनाश शुक्ला, रत्नेश अस्थाना, अंकित दुबे, बृजेश निषाद, सीपी दुबे, देवी प्रसाद सिंह, राजनाथ चौहान, उस्मान अली, हंसराज चौधरी, राकेश द्विवेदी, मनजीत कौर, श्री प्रकाश यादव, वैशाली गुप्ता, शशांक दुबे, विवेक कुमार तिवारी, अर्शी, गौरव कुमार शुक्ला, शशिकांत पाल और अजय कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण मौजूद रहे।
ऐतिहासिक आयोजन ने दिया बड़ा संदेश
दीवानी न्यायालय परिसर में पहली बार आयोजित प्रभात फेरी, बच्चों की अनुशासित कदमताल, देशभक्ति के नारों और शांति के प्रतीक कबूतरों के उड़ान भरने के दृश्य ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को यादगार बना दिया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि स्वतंत्रता केवल अधिकारों का पर्व नहीं, बल्कि कर्तव्यों, न्याय, शांति, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भी संकल्प है। न्याय के मंदिर से निकला यह संदेश समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द को मजबूत करने की प्रेरणा देता रहेगा।

