गांव में रहकर पढ़ाई की, अब IISER कोलकाता में बनाई जगह, आयुष ने बढ़ाया डोभी का मान
चन्दवक, जौनपुर। प्रतिभा किसी शहर की मोहताज नहीं होती और यदि मेहनत के साथ लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प हो तो गांव की मिट्टी से निकलकर भी देश के प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचा जा सकता है। डोभी क्षेत्र के कोइलारी गांव निवासी अशोक सिंह के पुत्र आयुष सिंह ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से इस बात को सच साबित कर दिखाया है।
आयुष ने माउंट लर्नर अकादमी, बजरंग नगर से इंटरमीडिएट की शिक्षा पूरी करने के बाद घर पर रहकर निरंतर अध्ययन किया और अपनी प्रतिभा के बल पर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER), कोलकाता जैसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक शिक्षण संस्थान में प्रवेश हासिल किया। ग्रामीण परिवेश में रहकर मिली यह सफलता न केवल परिवार, बल्कि विद्यालय और पूरे डोभी क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बन गई है।
आयुष की उपलब्धि की खबर मिलते ही परिजनों, विद्यालय के शिक्षकों, शुभचिंतकों और क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थान में जगह बनाना क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायी माना जा रहा है।
आयुष ने अपनी सफलता से यह संदेश दिया है कि बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए बड़े शहरों में रहकर पढ़ाई करना जरूरी नहीं है। दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर गांव में रहकर भी सफलता की ऊंची उड़ान भरी जा सकती है।

