घरेलू जिम्मेदारियों के बीच शिप्रा ने रचा सफलता का इतिहास, NET में हासिल की शानदार कामयाबी
जौनपुर। प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बूते विपरीत परिस्थितियों को मात देते हुए जनपद की मेधावी छात्रा शिप्रा सिंह ने नेट एवं पीएचडी परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। शिप्रा ने 194 अंक प्राप्त कर NET परीक्षा क्वालीफाई की और इसके साथ ही सहायक प्राध्यापक के पद तथा पीएचडी में प्रवेश की पात्रता हासिल कर ली। उनकी इस उपलब्धि से परिजनों एवं शुभचिंतकों में हर्ष का माहौल है।
प्रारंभ से ही मेधावी रहीं शिप्रा सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा डायट, ब्लॉसम्स, रामेश्वर शिशु विहार एवं राज कॉलेज से प्राप्त की। इसके बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर से एमबीए की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उच्च स्थान के साथ उत्तीर्ण की। उन्होंने बीएड और एमएड की परीक्षाएं भी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कर अपनी शैक्षणिक प्रतिभा का परिचय दिया।
शिप्रा की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने घर-गृहस्थी की जिम्मेदारियों और घरेलू कामकाज के साथ बेहद विपरीत परिस्थितियों में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी जारी रखी। पिछले वर्ष भी उन्होंने पीएचडी के लिए अर्हता हासिल की थी, लेकिन महज कुछ अंकों से NET की पात्रता हासिल करने से चूक गई थीं। असफलता को निराशा नहीं, बल्कि चुनौती मानकर उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और इस बार 194 अंक हासिल कर NET क्वालीफाई कर लिया।
शिप्रा की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि मेहनत, लगन और प्रतिभा के सामने परिस्थितियां कभी बाधा नहीं बन सकतीं। उनके संघर्ष और सफलता ने यह साबित कर दिया कि कर्मठता का कोई विकल्प नहीं होता।
वर्तमान में शिप्रा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता पर परिजनों, मित्रों एवं शुभचिंतकों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
शिप्रा के पिता डा. दिलीप सिंह दीवानी न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता होने के साथ जूरी जज, मौसमविद् एवं भविष्यवाणी विशेषज्ञ हैं, जबकि उनकी माता पद्मा सिंह गृहिणी हैं। परिवार में बेटी की इस उपलब्धि से खुशी का माहौल है।

