आंधी-बारिश ने उड़ाई बिजली व्यवस्था की बत्ती! 24 घंटे से अंधेरे में सैकड़ों गांव, कहीं पेड़ गिरा तो कहीं टूटे खंभे
बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों की दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। घरों में पंखे और कूलर बंद हैं तो पानी की मोटर न चलने से पेयजल और घरेलू जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। लंबे समय तक बिजली नहीं आने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। लगातार बारिश के बीच ग्रामीण बिजली आने का इंतजार कर रहे हैं।
कयार में मुख्य लाइन पर गिरा विशाल आम का पेड़, टूटे खंभे
कयार चौराहा के पास शनिवार को बिजली की मुख्य लाइन पर आम का विशाल पेड़ गिर गया। पेड़ के गिरते ही बिजली के खंभे टूट गए और तार जमीन पर जा गिरे। हादसे के बाद इलाके की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।
सूचना मिलने पर बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त लाइन का जायजा लेकर मरम्मत कार्य शुरू किया। बिजली संकट के चलते कयार, खलीलपुर, भदेठी समेत आसपास के कई गांवों के लोग परेशान हैं।
ग्रामीणों के घरों में पंखे, कूलर, पानी की मोटर समेत बिजली से चलने वाले तमाम उपकरण बंद पड़े हैं। बिजली के लंबे संकट ने रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
देवकली क्षेत्र में भी 24 घंटे से अंधेरा
उधर देवकली पावर हाउस से निकलने वाली बिजली लाइन भी आंधी और बारिश की चपेट में आ गई। समसपुर पनियरिया गांव के पास बिजली के तारों पर पेड़ गिरने से लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते यहां भी 24 घंटे से अधिक समय से बिजली आपूर्ति बाधित बताई जा रही है।
बिजली संकट के कारण जंगीपुर, पनियरिया, भकुरा, खम्हौरा, हरिहरपुर, गड़ैला समेत आसपास के कई गांवों में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बिजली गुल रहने से घरेलू कामकाज प्रभावित होने के साथ बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
मनिया पावर हाउस से जुड़े दर्जनों गांव भी बेहाल
इसी तरह मनिया पावर हाउस से सप्लाई होने वाले दर्जनों गांव भी पिछले 24 घंटे से बिजली संकट से जूझ रहे हैं। आंधी और बारिश के कारण बिजली लाइन में आई खराबी से इटौरी, जमुहाई, चकमा, धौरइल, बशीरपुर, भरोठा, करौदी, सोनिकपुर, हडही समेत आसपास के गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित है।
बारिश के बीच युद्धस्तर पर जुटीं बिजली विभाग की टीमें
लगातार बारिश और तेज हवाओं के बीच क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों को दुरुस्त करना बिजली विभाग के कर्मचारियों के लिए भी चुनौती बना हुआ है। पेड़ों और टूटे खंभों के कारण कई स्थानों पर लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। विभागीय कर्मचारी बारिश के बीच मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य में जुटे हैं और आपूर्ति बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
हालांकि, खबर लिखे जाने तक कयार, देवकली और मनिया पावर हाउस से जुड़े प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी थी। लगातार 24 घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रहने से ग्रामीणों में नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।

