माप विज्ञान विभाग की छापेमारी में खुली दुकानदारों की पोल, एक किलो में कहीं 92 तो कहीं 76 ग्राम कम मिली मिठाई
जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन के निर्देश पर वरिष्ठ निरीक्षक विधिक माप विज्ञान की टीम ने शुक्रवार को मड़ियाहूं बाजार में सघन निरीक्षण किया। टीम की कार्रवाई से दुकानदारों में खलबली मच गई। एक-एक कर दुकानों पर बांट-माप की जांच शुरू हुई तो तौल में गड़बड़ी के मामले सामने आने लगे।
सदरगंज स्थित चौरसिया मिष्ठान भंडार में जांच के दौरान एक किलोग्राम मिठाई की तौल में 76 ग्राम की घटतौली मिली। इसके बाद टीम ने बीकानेर मिष्ठान भंडार की जांच की तो यहां भी मामला चौंकाने वाला निकला। एक किलो मिठाई में 92 ग्राम कम पाए गए। दोनों मामलों में विभाग ने विधिक कार्रवाई की।
एक किलो के नाम पर 908 ग्राम मिठाई!
बीकानेर मिष्ठान भंडार में सामने आई घटतौली ने सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि एक किलो मिठाई की तौल में 92 ग्राम कम है तो ग्राहक को कीमत एक किलो की चुकानी पड़ रही थी, लेकिन उसके हाथ में वास्तविक मात्रा उससे काफी कम पहुंच रही थी। इसी तरह चौरसिया मिष्ठान भंडार में भी 76 ग्राम कम मिठाई मिलने से तौल व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए।
विभाग की कार्रवाई ने यह भी साफ कर दिया कि ग्राहक दुकानदार के तराजू पर भरोसा करके भले ही सामान खरीद ले, लेकिन तौल सही है या नहीं, इसकी जांच जरूरी है।
मिठाई ही नहीं, ठंडे पेय पर भी खेल
माप विज्ञान विभाग की टीम ने जौनपुर नगर में भी जांच की। सिपाह रेलवे फाटक के समीप विनोद जलपान गृह में एक लीटर स्प्राईट की बिक्री में अंकित मूल्य से अधिक वसूली यानी ओवरचार्जिंग पकड़ी गई। इस मामले में भी संबंधित दुकानदार के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की गई।
ज्वेलर्स समेत कई दुकानों के बांट-माप भी फेल
छापेमारी का दायरा केवल मिठाई और जलपान की दुकानों तक सीमित नहीं रहा। जांच में कई दुकानों के बांट-माप निर्धारित नियमों के अनुसार सत्यापित एवं मुद्रांकित नहीं पाए गए। इनमें ज्वेलर्स के प्रतिष्ठान भी शामिल रहे।
धर्मेंद्र कुमार, ओमप्रकाश ज्वेलर्स, बनारसी अलंकार मंदिर, गारन्टी ज्वेलर्स समेत हर्ष मोदनवाल व मोहनलाल (मिठाई विक्रेता), सुमित्रा देवी (मिठाई विक्रेता), शाहआलम (सब्जी विक्रेता) और एमएन ट्रेडर्स के बांट-माप नियमानुसार सत्यापित नहीं पाए गए। विभाग ने सभी के विरुद्ध विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की।
सवाल सिर्फ 76 या 92 ग्राम का नहीं...
मिठाई में घटतौली के सामने आए मामलों ने उपभोक्ताओं को भी सतर्क कर दिया है। सवाल सिर्फ 76 या 92 ग्राम मिठाई कम मिलने का नहीं है, बल्कि यह है कि यदि किसी दुकान पर लगातार ऐसी तौल होती रही तो रोजाना खरीदारी करने वाले कितने ग्राहकों को उनकी कीमत के अनुपात में पूरा सामान नहीं मिला होगा।
विभागीय टीम ने दुकानदारों को सख्त निर्देश दिया कि किसी भी वस्तु की बिक्री अंकित मूल्य से अधिक कीमत पर न करें। साथ ही बांट और माप का समय से सत्यापन व मुद्रांकन कराना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। आने वाले महीनों में भी बाजारों में लगातार जांच की जाएगी और तौल अथवा मूल्य में अनियमितता मिलने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

