विशाल यादव हत्याकांड में लकी यादव पर गंभीर आरोप, विधायक बोले- राजनीतिक विरोधियों की साजिश
जौनपुर। लाइन बाजार थाना क्षेत्र के रामदयालगंज बाजार में दिनदहाड़े हुई विशाल यादव की हत्या के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। मृतक के स्वजन की ओर से मल्हनी विधायक लकी यादव पर हत्या की साजिश में शामिल होने और आरोपितों को शरण देने जैसे गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद जिले के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मृतक विशाल यादव की मां और भाई का बयान इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
शुक्रवार की सुबह रामदयालगंज बाजार में पुरानी रंजिश को लेकर हमलावरों ने विशाल यादव पर लोहे की सरिया से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल विशाल को उपचार के लिए ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर जाम भी लगाया था। हत्या की इस वारदात से क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया था।
मामले में पुलिस ने नामजद आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। नामजद आरोपितों में नीरज यादव पुत्र महेंद्र यादव निवासी गहोरा, थाना लाइन बाजार तथा मनीष यादव पुत्र उदय प्रताप यादव उर्फ लल्लन निवासी चांदपुर, थाना लाइन बाजार शामिल हैं। पुलिस घटना के कारणों, आरोपितों की भूमिका और वारदात में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
घटना के बाद मृतक के स्वजन की ओर से मल्हनी विधायक लकी यादव पर लगाए गए आरोपों ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। विशाल की मां और भाई ने विधायक पर हत्या की साजिश में भूमिका होने का आरोप लगाया है। साथ ही उनका दावा है कि हत्या के आरोपितों को विधायक की ओर से कथित रूप से शरण भी दी गई। स्वजन के इसी बयान का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं।
उधर, मल्हनी विधायक लकी यादव ने अपने ऊपर लगाए जा रहे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक विरोधियों की साजिश हैं। विधायक ने कहा कि वह पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मांग करेंगे, ताकि वास्तविकता सामने आ सके और जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई हो।
आरोपितों के साथ उनकी तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के सवाल पर विधायक ने कहा कि वह राजनीतिक जीवन में हैं और इस दौरान तमाम लोगों के साथ तस्वीरें होना स्वाभाविक है। किसी व्यक्ति के साथ तस्वीर होने का यह अर्थ नहीं निकाला जा सकता कि उसे संरक्षण दिया जा रहा है।
विधायक लकी यादव ने उन चर्चाओं को भी खारिज किया, जिनमें आरोपितों की गिरफ्तारी उनके आवास से होने की बात कही जा रही है। उन्होंने इसे अफवाह बताते हुए कहा कि इस तरह की बातें मामले को राजनीतिक रूप देने के लिए फैलाई जा रही हैं।
अब इस पूरे मामले में पुलिस जांच पर सभी की निगाहें टिकी हैं। हत्या के पीछे की वास्तविक वजह, आरोपितों की भूमिका और मृतक के स्वजन की ओर से लगाए गए राजनीतिक संरक्षण के आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल विशाल यादव हत्याकांड ने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ जिले की सियासत को भी गरमा दिया है।

