पारसनाथ की सियासी विरासत को धार दे रहे लकी यादव, अखिलेश से एक महीने में चार मुलाकातों ने बढ़ाई सियासी हलचल

 मल्हनी विधायक की सपा सुप्रीमो से लगातार नजदीकियां बनीं चर्चा का विषय, जिले की राजनीति पर हुई अहम बातचीत

जौनपुर। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता, पूर्व सांसद, पूर्व मंत्री एवं मल्हनी के पूर्व विधायक स्वर्गीय पारसनाथ यादव की सियासी विरासत अब उनके पुत्र एवं मल्हनी विधायक लकी यादव मजबूती से आगे बढ़ाते नजर आ रहे हैं। पिता के निधन के बाद मल्हनी विधानसभा सीट पर लगातार दो बार जीत दर्ज कर लकी यादव ने न केवल अपनी राजनीतिक पकड़ साबित की, बल्कि अब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ उनकी लगातार बढ़ती नजदीकियां भी जिले की सियासत में चर्चा का विषय बन गई हैं।


राजनीतिक गलियारों में इस समय सबसे अधिक चर्चा लकी यादव और अखिलेश यादव की बढ़ती नजदीकियों को लेकर हो रही है। खास बात यह है कि महज एक महीने के भीतर मल्हनी विधायक ने सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से चार बार अकेले मुलाकात की है। इनमें तीन मुलाकातें अखिलेश यादव के आवास पर हुईं, जबकि एक मुलाकात पार्टी कार्यालय में हुई। हर मुलाकात के बाद सामने आई तस्वीरों को विधायक लकी यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किया, जिसके बाद इन मुलाकातों को लेकर सियासी चर्चाओं का बाजार और गर्म हो गया।


मुलायम से पारसनाथ की नजदीकी, अब अखिलेश के साथ लकी की कैमिस्ट्री


पारसनाथ यादव का समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के साथ बेहद करीबी राजनीतिक रिश्ता माना जाता था। पार्टी के शुरुआती दौर से लेकर लंबे समय तक पारसनाथ यादव सपा के मजबूत स्तंभों में शामिल रहे। पूर्वांचल की राजनीति में उनकी गहरी पकड़ और संगठन में प्रभाव के चलते उन्हें पार्टी नेतृत्व का भरोसेमंद चेहरा माना जाता था।


अब उनके पुत्र लकी यादव उसी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते दिखाई दे रहे हैं। अखिलेश यादव के साथ लगातार हो रही व्यक्तिगत मुलाकातों को इसी राजनीतिक समीकरण के नए अध्याय के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि इन मुलाकातों का वास्तविक राजनीतिक एजेंडा क्या है, इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन खुद लकी यादव का कहना है कि बातचीत के दौरान मुख्य रूप से जिले की राजनीति और संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।


अकेले मुलाकातों ने बढ़ाई सियासी उत्सुकता


एक महीने के भीतर राष्ट्रीय अध्यक्ष से चार बार अकेले मुलाकात होना सामान्य राजनीतिक शिष्टाचार से कहीं अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर तब, जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी राज्यसभा चुनाव और उसके बाद विधानसभा क्षेत्रवार राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हैं।


लकी यादव की अखिलेश यादव से लगातार मुलाकातों को लेकर समाजवादी पार्टी के भीतर भी अलग-अलग तरह की चर्चाएं हैं। राजनीतिक जानकार इसे जौनपुर की सियासत में लकी यादव की बढ़ती भूमिका और पार्टी नेतृत्व के साथ उनके बेहतर तालमेल के संकेत के रूप में देख रहे हैं।


लकी यादव बोले- जिले की राजनीति पर हुई चर्चा


इस पूरे मामले पर शिराज ए हिंद डॉट कॉम से खास बातचीत में मल्हनी विधायक लकी यादव ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से हुई मुलाकातों के दौरान जिले की राजनीति पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि संगठन और आगामी राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर भी बातचीत हुई है।

मल्हनी में लगातार दो चुनावों में जीत हासिल करने वाले लकी यादव की राष्ट्रीय अध्यक्ष से बढ़ती नजदीकियां निश्चित रूप से उनके राजनीतिक कद को लेकर भी चर्चा पैदा कर रही हैं। पिता पारसनाथ यादव की मजबूत राजनीतिक विरासत, मल्हनी में लगातार दो जीत और अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से लगातार सीधा संवाद—इन तीनों समीकरणों ने लकी यादव को जौनपुर की सियासत के प्रमुख चेहरों की कतार में और मजबूत कर दिया है।


फिलहाल, अखिलेश यादव और लकी यादव की लगातार मुलाकातों के पीछे की राजनीतिक पटकथा क्या है, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा। लेकिन इतना जरूर है कि जौनपुर की सियासत में इन मुलाकातों ने नई हलचल पैदा कर दी है और समाजवादी पार्टी के अंदर-बाहर सभी की निगाहें अब लकी यादव की अगली राजनीतिक चाल पर टिक गई हैं।

Related

डाक्टर 6643678704124619416

एक टिप्पणी भेजें

emo-but-icon

AD

जौनपुर का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल

आज की खबरे

साप्ताहिक

सुझाव

संचालक,राजेश श्रीवास्तव ,रिपोर्टर एनडी टीवी जौनपुर,9415255371

जौनपुर के ऐतिहासिक स्थल

item