यूपीआई एमडीआर के प्रस्ताव पर दिनेश टंडन ने उठाई व्यापारियों की आवाज
प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर बोले—छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला प्रस्ताव तत्काल वापस हो
जौनपुर। यूपीआई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने के प्रस्ताव को लेकर जौनपुर उद्योग व्यापार मंडल ने विरोध का बिगुल फूंक दिया है। जिलाध्यक्ष दिनेश टंडन के नेतृत्व में व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट महिपाल सिंह को सौंपा। व्यापारियों ने ज्ञापन प्रधानमंत्री कार्यालय भेजने का आग्रह किया।
जिलाध्यक्ष दिनेश टंडन ने कहा कि 15 अक्टूबर 2026 से प्रस्तावित यूपीआई मर्चेंट डिस्काउंट रेट छोटे और फुटकर व्यापारियों के लिए व्यावहारिक कठिनाइयां पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में व्यापारी लंबे समय से सरकार का सहयोग करते रहे हैं। ऐसे में डिजिटल लेनदेन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली व्यवस्था से व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
टंडन ने कहा कि केंद्र सरकार को छोटे व्यापारियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव पर तत्काल पुनर्विचार करना चाहिए। ऐसी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए, जिससे डिजिटल भुगतान प्रभावित हो और व्यापारी वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़े। उन्होंने सरकार से प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने की मांग की।
नगर अध्यक्ष राधेरमण जायसवाल ने कहा कि व्यापारी कोई भी कर अपनी जेब से नहीं देता, बल्कि उसका भार अंततः उपभोक्ता पर पड़ता है। नए शुल्क का असर वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर पड़ सकता है। इससे महंगाई बढ़ने के साथ लोग डिजिटल भुगतान से दूरी भी बना सकते हैं।
प्रदेश उपाध्यक्ष सोमेश्वर केसरवानी ने कहा कि छोटे, मध्यम और फुटकर व्यापारियों पर एमडीआर के संभावित प्रभाव का व्यापक अध्ययन किया जाना चाहिए। डिजिटल भुगतान को मजबूत करने के साथ ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमंडल में जिला संरक्षक छब्बूलाल सोनकर, जिला उपाध्यक्ष रवि श्रीवास्तव, जिला महामंत्री रामकुमार साहू, नगर महामंत्री मुन्नालाल अग्रहरि व मनोज कुमार साहू, विजय अग्रहरी, शिवम बरनवाल, आशीष गुप्ता, चंदन जायसवाल, हफीज शाह, गुलजारीलाल गुप्ता, शाहिद मंसूरी, राहुल साहू, अमर जौहरी, यशवंत साहू, संतोष कुमार सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

