दूल्हे की हत्या के आरोपी भोले राजभर की जमानत खारिज
शादी से पहले आजाद बिंद की गोली मारकर हुई थी हत्या, सत्र न्यायालय ने सुनाया फैसला
जौनपुर। खेतासराय थाना क्षेत्र में शादी से पहले दूल्हे आजाद बिंद की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में आरोपी भोले राजभर उर्फ भोला राजभर को अदालत से राहत नहीं मिली। सत्र न्यायालय ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार शशि ने 29 सितंबर 2026 को जमानत अर्जी पर आदेश सुनाया।
अदालती आदेश के अनुसार, मृतक के पिता रामलखन बिंद ने खेतासराय थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया गया कि उनके बेटे आजाद बिंद की शादी सोनी बिंद से तय हुई थी। आरोप है कि शादी से नाराज प्रदीप बिंद और रवि यादव ने आजाद को जान से मारने की धमकी दी थी।
आरोप के मुताबिक, एक मई 2026 को आजाद बिंद कार से मनेछा बादशाही मंदिर के पास से जा रहा था। इसी दौरान बाइक सवार दो लोगों ने कथित रूप से उस पर गोली चला दी। गोली लगने से आजाद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी को निर्दोष बताते हुए उसे मामले में गलत तरीके से फंसाए जाने का तर्क दिया। वहीं अभियोजन पक्ष ने हत्या और साजिश में आरोपी की भूमिका का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया।
अदालत ने आदेश में कहा कि गवाहों के बयान अभियोजन की कहानी का समर्थन करते हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चार चोटों का उल्लेख है और गोली लगने से अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मृत्यु होने की बात सामने आई है। अभियोजन की ओर से आरोपी के पूर्व आपराधिक मामलों का भी उल्लेख किया गया।
मामले की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन की ओर से प्रस्तुत तथ्यों को देखते हुए सत्र न्यायालय ने भोले राजभर उर्फ भोला राजभर की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
यह मामला थाना खेतासराय के अपराध संख्या 90/2026 से संबंधित है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

