डग्गामार वाहनों से बच्चों को ढोने वाले स्कूल प्रबंधक जाएंगे जेल!

 एडीएम की दो टूक—बिना फिटनेस-परमिट वाहन मिला तो मुकदमा, नियम तोड़ने वाले स्कूलों की मान्यता भी होगी खत्म

जौनपुर। स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले विद्यालय प्रबंधकों पर अब जिला प्रशासन सख्ती करने जा रहा है। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिले भर के स्कूल संचालकों और प्रधानाचार्यों की बैठक में प्रशासन ने साफ चेतावनी दी कि बिना फिटनेस, परमिट, बीमा और प्रदूषण प्रमाणपत्र के बच्चों को ढोने वाला कोई वाहन मिला तो संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इतना ही नहीं, नियमों की अनदेखी करने वाले विद्यालय की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।


जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. के निर्देशन में हुई बैठक में डीएम की अनुपस्थिति में एडीएम प्रशासन ने स्कूल संचालकों को कड़े शब्दों में चेताया कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि बच्चों को लाने-ले जाने में केवल निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले वाहनों का ही इस्तेमाल किया जाए।


जीप-स्कॉर्पियो और डग्गामार बसों से बच्चों की ढुलाई


सहायक संभागीय अधिकारी प्रशासन अजीत सिंह और सहायक संभागीय अधिकारी प्रवर्तन सत्येंद्र सिंह ने बताया कि शाहगंज क्षेत्र में करीब दो दर्जन विद्यालय चिन्हित किए गए हैं, जहां जीप, स्कॉर्पियो, निजी डग्गामार बसों और निर्धारित मानकों को पूरा न करने वाले वाहनों से बच्चों को विद्यालय लाने-ले जाने की जानकारी सामने आई है।


उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यालयों के खिलाफ जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा शाहगंज, मड़ियाहूं, केराकत और मुंगराबादशाहपुर क्षेत्रों में करीब चार दर्जन स्कूल संचालकों को चिन्हित किया गया है, जिनके यहां परिवहन विभाग के निर्देशों के अनुपालन को लेकर गंभीर सवाल हैं।


स्कूल बस में महिला परिचारक जरूरी


बैठक में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों में महिला परिचारक अथवा महिला शिक्षक की ड्यूटी अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए गए।


इसके साथ ही वाहन चालकों और स्कूल परिवहन व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों का चरित्र सत्यापन कराने तथा उनकी आंखों की जांच कराने को भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा गया।


मानक विहीन वाहन मिला तो स्कूल पर भी गिरेगी गाज


प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वाहन की जिम्मेदारी केवल चालक या वाहन मालिक की नहीं होगी। यदि किसी स्कूल में मानक विहीन वाहन बच्चों के परिवहन में इस्तेमाल होता मिला तो स्कूल प्रबंधन को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। मुकदमे के साथ विद्यालय की मान्यता समाप्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।


जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र सिंह और बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. समीर कुमार ने भी तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर स्कूल वाहनों को चिन्हित करने और मानकों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।


बैठक में परिवहन विभाग की ओर से पीटीओ, वरिष्ठ कर्मी अजीत कुमार समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। मां दुर्गाजी विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक सिंह, अजीत सिंह, हरिहर सिंह पब्लिक स्कूल, होली चाइल्ड अकादमी, इन्द्रजीत सिंह मौर्य समेत कई विद्यालयों के प्रबंधक और प्रतिनिधि मौजूद रहे।


बैठक से गायब स्कूल संचालक भी प्रशासन के रडार पर


जौनपुर। स्कूली वाहनों की व्यवस्था को लेकर आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में जिन विद्यालयों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य अथवा अधिकृत प्रतिनिधि शामिल नहीं हुए, उन्हें भी प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। एडीएम प्रशासन ने ऐसे विद्यालयों को चिन्हित कर जिलाधिकारी के निर्देश पर नोटिस जारी करने की कार्रवाई करने को कहा है।


प्रशासन का संदेश साफ है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी करने वाले विद्यालयों को अब किसी भी स्तर पर राहत नहीं दी जाएगी।

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