‘पांच लाख दो, नहीं तो जेल भेज देंगे’, चार अज्ञात पुलिसकर्मियों समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

युवक को कार में बैठाकर थाने ले जाने, धमकाने और 1.05 लाख नकद व ऑनलाइन रकम वसूलने का आरोप; शिकायत के बाद सुरेरी थाने में दर्ज हुई एफआईआर

जौनपुर। सुरेरी थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। पांच लाख रुपये की कथित रंगदारी मांगने, युवक को जबरन कार में बैठाकर थाने ले जाने, अवैध असलहा बरामदगी का फर्जी वीडियो बनाने, मारपीट और धमकाकर रुपये वसूलने के आरोप में चार-पांच अज्ञात पुलिसकर्मियों समेत पांच लोगों के खिलाफ सुरेरी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है।

मामले में वाराणसी जिले के बड़ागांव थाना क्षेत्र के चिलबिला गांव निवासी सुशील कुमार पाण्डेय पुत्र रमाशंकर पाण्डेय ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर पूरे घटनाक्रम की जांच और कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के आधार पर दर्ज मुकदमे में राजेंद्र दूबे समेत अन्य आरोपितों तथा अज्ञात पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार 13 सितंबर की सुबह वह अपने घर से करीब 500 मीटर दूर मंदिर जा रहा था। इसी दौरान उसकी जान-पहचान का राजेंद्र दूबे कार लेकर पहुंचा। आरोप है कि कार में पहले से तीन-चार लोग बैठे थे। युवक को कार में बैठने के लिए कहा गया और इसके बाद उसे सुरेरी थाना ले जाया गया।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कार में मौजूद लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और युवक को डराया-धमकाया। थाने पहुंचने के बाद कथित तौर पर उसके साथ ऐसी कार्रवाई की गई, जिससे उसे अपने खिलाफ मुकदमा दर्ज होने और जेल जाने का भय सताने लगा।

शिकायतकर्ता का सबसे गंभीर आरोप है कि थाने में उसके हाथ में कथित तौर पर अवैध असलहा पकड़ाकर वीडियो बनाया गया, ताकि यह दिखाया जा सके कि असलहा उसके पास से बरामद हुआ है। आरोप है कि इसके बाद उसे धमकाकर एक सादे कागज पर हस्ताक्षर भी करा लिए गए।

शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके पास न तो कोई अवैध असलहा था और न ही गांजा। उसने आरोप लगाया कि कथित बरामदगी दिखाकर उसे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।

शिकायत के मुताबिक युवक से कथित तौर पर पांच लाख रुपये की मांग की गई। रकम न देने पर उसे और उसके परिवार को जेल भेजने की धमकी दी गई। आरोप है कि लगातार दबाव बनाए जाने के बाद परिवार के लोगों ने 1.05 लाख रुपये नकद दिए।

इसके साथ ही मोबाइल से भी अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराए जाने का आरोप है। शिकायत में 55 हजार रुपये, पांच हजार रुपये और 299 रुपये के ऑनलाइन लेनदेन का भी उल्लेख किया गया है।

मामले को और गंभीर बनाते हुए शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पैसे देने के बाद भी उसे धमकाया गया कि यदि उसने घटना की शिकायत की या वीडियो वायरल किया तो उसके पैर में गोली मार दी जाएगी और पूरे परिवार को जेल भेज दिया जाएगा।

युवक ने अधिकारियों से कथित घटना में इस्तेमाल किए गए वीडियो, मोबाइल से हुए ऑनलाइन लेनदेन, सादे कागज पर कराए गए हस्ताक्षर और कथित असलहा बरामदगी की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

एफआईआर के बाद जांच शुरू, पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के घेरे में

अब इस मामले में चार-पांच अज्ञात पुलिसकर्मियों समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच की दिशा महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि शिकायतकर्ता को थाने तक कैसे लाया गया, कथित असलहा कहां से आया, वीडियो किसने बनाया और नकद व ऑनलाइन रकम की कथित वसूली में कौन-कौन लोग शामिल थे।

मुकदमा दर्ज होने के बाद अब जांच में सामने आने वाले तथ्य ही यह तय करेंगे कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। खास तौर पर कथित वीडियो और ऑनलाइन लेनदेन की जांच इस पूरे प्रकरण में अहम कड़ी साबित हो सकती है।


Related

डाक्टर 6806835020610987346

एक टिप्पणी भेजें

emo-but-icon

AD

जौनपुर का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल

आज की खबरे

साप्ताहिक

सुझाव

संचालक,राजेश श्रीवास्तव ,रिपोर्टर एनडी टीवी जौनपुर,9415255371

जौनपुर के ऐतिहासिक स्थल

item