शारदीय नवरात्रि करीब, मगर मन्दिर सुन्दरीकरण कार्य अधूरा
कच्छप गति से चल रहा कार्य, दर्शन—पूजन में लोगों को होगी दिक्कत
जेपी एवं श्रेया कंस्ट्रक्शन मिलकर कर रहे कार्य, फिर भी कार्य गति धीमी
चौकिया धाम, जौनपुर। पूर्वांचल के आस्था का केन्द्र मां शीतला चौकियां धाम में पिछले 8 माह से पर्यटन विभाग द्वारा 6 करोड़ की लागत से कराये जा रहे मन्दिर सहित आस—पास के सुन्दरीकरण का कार्य कच्छप गति से चल रहा है। वहीं शारदीय नवरात्र को केवल 15 दिन मात्र बचे हैं जबकि अभी तक मंदिर के बरामदे की ढलाई नहीं हो सकी है। पूर्वी निकास द्वार की तरफ खोदे गये बरामदे में आधा अधूरा सरिया सेटिंग की गयी है।
ऐसी भौगोलिक परिस्थिति में आगामी 11 अक्टूबर से आरम्भ हो रहे नवरात्रि में भीड़ के दबाव में श्रद्धालुओं को काफी विषम परिस्थितियों से गुजरना होगा। लोगों का कहना है कि बीते फरवरी माह से शुरू हुये सुन्दरीकरण कार्य की गति काफ़ी धीमी होने के कारण ही नवरात्रि के पूर्व ऐसी विषम परिस्थिति बन गयी है। बीते 8 माह के कार्य का आकलन करने पर यह निष्कर्ष निकलता है कि मंदिर के पश्चिमी तरफ के बरामदे की ढलाई का कार्य तो पूर्ण हो चुका है। फर्श व दीवाल जुड़ाई का कार्य चल रहा है जबकि मंदिर के पूर्वी निकास द्वार की तरफ के बरामदे की ढलाई का कार्य पूर्ण नहीं किया जा सका है। आधे बरामदे की फर्श पर सरिया का जाल बिछाया गया है। पिलर की सरिया सेटिंग कर लिया गया है लेकिन ढलाई का कार्य रूका हुआ है। निर्माण कार्य दौरान पूर्वी बरामदे में स्थित हवन कुंड को सुरक्षित रखकर कार्य करना है।
वहीं शीतला माता मंदिर से लगभग एक किलोमीटर दूर शाहगंज हाइवे शिव मंदिर से मां शीतला चौकिया धाम मार्ग पर प्रवेश द्वार भी आधा अधूरा स्थित में छोड़ दिया गया है। इस कार्य के लिये उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटन विभाग को 6 करोड़ की लागत से मंदिर व आस—पास सुन्दरीकरण के लिये कार्यदायी संस्था द्वारा जेपी कंस्ट्रक्शन व श्रेया कंस्ट्रक्शन को कार्य सौंपा है। इसमें मंदिर के दोनों बरामदे को नव्य व भव्य बनाने, मुख्य द्वार को नव्य/भव्य बनाने, सरोवर में दो फ़ौव्वारा, श्रद्धालुओं के बैठने के लिये सीटिंग एरिया, दीवारों पर स्टोन सेटिंग, आध्यात्मिक चित्रण, धाम के प्रवेश मार्ग पर दो प्रवेश द्वार आदि का कार्य होना है लेकिन कच्छप गति से चल रहे विकास कार्य में सुन्दरीकरण कब तक पूर्ण होगा, यह सुनिश्चित नहीं है। नवरात्रि में आने वाले दर्शनार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
महन्त विवेकानन्द पण्डा ने बताया कि एक तरफ के बरामदे की ढलाई हो चुकी है। फर्श का कार्य हो रहा है। दूसरी तरफ हवन कुंड को लेकर थोड़ी समस्या बनी है, इसलिये ढलाई रुकी है। यह कार्य सिटी मजिस्ट्रेट, मुख्य राजस्व अधिकारी, जिलाधिकारी आदि के संज्ञान में है। कृपया आगामी नवरात्रि को देखते हुये शीघ्र ही समस्या का निस्तारण करके ढलाई कार्य को सम्पादित कराया जाय, ताकि नवरात्रि से पहले श्रद्धालुओं के लिये दर्शन—पूजन की उचित व्यवस्था बनायी जा सके। जिला प्रशासन के सहयोग से श्रद्धालुओं को सुरक्षित दर्शन पूजन के लिये मन्दिर परिवार प्रतिबद्ध है।

