आसमान से आई मौत की डोर! चाइनीज मांझे ने बाइक सवार की गर्दन चीर दी
सद्भावना पुल के पास हादसा, समय रहते उपचार मिलने से बची युवक की जान; प्रतिबंध के बावजूद बिक्री पर उठे सवाल
जौनपुर। शहर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार शाम कोतवाली थाना क्षेत्र के सद्भावना पुल के पास बाइक से घर जा रहे 20 वर्षीय युवक की गर्दन में चाइनीज मांझा फंस गया। धारदार डोर से उसकी गर्दन पर गहरा कट लग गया और खून बहने लगा। गनीमत रही कि साथ मौजूद दोस्तों ने तत्काल प्राथमिक मदद पहुंचाई और समय रहते घायल को जिला अस्पताल पहुंचा दिया, जिससे उसकी जान बच गई।
जानकारी के अनुसार, पुराना पानदरीबा निवासी शगुन मौर्य (20), पुत्र संतोष कुमार मौर्य, रविवार शाम करीब चार बजे बाइक से अपने घर जा रहा था। वह सद्भावना पुल के पास राजेश बिरयानी वाले के समीप पहुंचा ही था कि अचानक हवा में उड़ रही मांझे की डोर उसकी गर्दन में फंस गई। धारदार मांझा गर्दन से रगड़ता हुआ निकल गया, जिससे गहरा कट लगने के साथ ही रक्तस्राव शुरू हो गया।
अचानक हुए हादसे से शगुन घबरा गया। उसके साथ मौजूद दोस्त शानू और अन्य साथियों ने तत्काल उसकी गर्दन पर कपड़ा बांधकर खून रोकने का प्रयास किया। इसके बाद घायल युवक को आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार किया। चिकित्सकों के अनुसार युवक की गर्दन पर चोट लगी है, लेकिन फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर है।
प्रतिबंध के बावजूद बाजार में कैसे पहुंच रहा चाइनीज मांझा?
चाइनीज मांझा अपनी अत्यधिक धार और मजबूती के कारण राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और पक्षियों के लिए गंभीर खतरा माना जाता है। सद्भावना पुल के पास हुई यह घटना एक बार फिर शहर में इसके इस्तेमाल और बिक्री पर सवाल खड़े कर रही है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन से प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो यह जानलेवा डोर किसी और की जिंदगी भी छीन सकती है।

