लोक संस्कृति की सोंधी खुशबू से महका प्रयागराज, राधे केशव ने लोकगीत ‘सोहर’ की दी मनमोहक प्रस्तुति
प्रयागराज। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित ‘उत्तर प्रदेश लोक संस्कृति प्रतियोगिता’ में लोक परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करने वाली शानदार प्रस्तुतियां देखने को मिल रही हैं। इसी क्रम में कृष्ण प्रताप सिंह ' राधे ' एवं केशव प्रताप सिंह ने पारंपरिक लोकगीत ‘सोहर’ की मनमोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया।
‘सोहर’ भारतीय लोक जीवन में जन्मोत्सव के अवसर पर गाए जाने वाले पारंपरिक लोकगीतों की समृद्ध विधा है। दोनों कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से इस लोक परंपरा की मिठास, भावनात्मकता और ग्रामीण संस्कृति की सहजता को मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
प्रस्तुति के दौरान लोक की सोंधी महक, पारंपरिक गायन शैली और भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने उपस्थित दर्शकों को अपनी संस्कृति और लोक विरासत से जोड़ दिया। कृष्ण प्रताप सिंह ' राधे ' एवं केशव प्रताप सिंह की प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा।
यह आयोजन ‘व्यंजना आर्ट एंड कल्चर सोसायटी’ द्वारा ‘लोक रंग, माटी के संग’ की भावना के साथ आयोजित किया जा रहा है। 6, 7 एवं 8 सितंबर 2026 को NCZCC, प्रयागराज में आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक कलाओं, लोकगीतों और सांस्कृतिक परंपराओं को मंच प्रदान करना एवं नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना है।
कृष्ण प्रताप सिंह ' राधे ' एवं केशव प्रताप सिंह की यह प्रस्तुति लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।

