भाजपा काशी क्षेत्र की नई टीम में मछलीशहर को तरजीह, जौनपुर को जगह नहीं
क्षेत्रीय कार्यसमिति में डॉ. अभिषेक रावत को मिली जिम्मेदारी, जौनपुर के नेताओं-कार्यकर्ताओं को मायूसी
जौनपुर। भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को काशी क्षेत्र की नई क्षेत्रीय कार्यसमिति की घोषणा कर दी। 36 सदस्यीय नई टीम में जौनपुर जिले के किसी भी नेता को जगह नहीं मिली, जबकि मछलीशहर जिले के भाजपा महामंत्री डॉ. अभिषेक रावत को क्षेत्रीय मंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। इसके बाद जिले की भाजपा राजनीति में संगठनात्मक प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
खास बात यह है कि भाजपा ने जौनपुर जिले को संगठनात्मक दृष्टि से जौनपुर और मछलीशहर दो अलग-अलग जिलों में विभाजित किया है। ऐसे में काशी क्षेत्र की नई टीम में मछलीशहर को प्रतिनिधित्व मिलना और जौनपुर का पूरी तरह खाली रह जाना राजनीतिक एवं संगठनात्मक दृष्टि से चर्चा का विषय बन गया है।
मछलीशहर को प्रतिनिधित्व, जौनपुर खाली हाथ
काशी क्षेत्र की घोषित कार्यसमिति में 10 क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, चार क्षेत्रीय महामंत्री, 10 क्षेत्रीय मंत्री और 12 सदस्य शामिल किए गए हैं। इनमें डॉ. अभिषेक रावत को क्षेत्रीय मंत्री की जिम्मेदारी मिली है। वह मछलीशहर जिले में भाजपा संगठन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारी रहे हैं।
वहीं, जौनपुर जिले से एक भी नाम सूची में शामिल नहीं है। ऐसे में जिले के पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह सवाल उठने लगा है कि संगठन के इतने महत्वपूर्ण क्षेत्रीय स्तर पर जौनपुर की दावेदारी आखिर क्यों नहीं बन सकी।
दो जिलों के बंटवारे के बाद बढ़ी राजनीतिक दिलचस्पी
भाजपा द्वारा जौनपुर और मछलीशहर को अलग-अलग संगठनात्मक जिले बनाए जाने के बाद दोनों जिलों की अपनी-अपनी संगठनात्मक संरचना है। ऐसे में काशी क्षेत्र की नई टीम में मछलीशहर से प्रतिनिधित्व मिलना और जौनपुर से किसी को स्थान न मिलना और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पार्टी के भीतर चर्चा है कि क्या संगठनात्मक सक्रियता, जातीय समीकरण या आगामी राजनीतिक रणनीति के तहत मछलीशहर को प्राथमिकता दी गई है? हालांकि, जौनपुर को प्रतिनिधित्व नहीं मिलने के पीछे पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है।
जौनपुर में सक्रिय नेताओं की लंबी फेहरिस्त
जौनपुर भाजपा में लंबे समय से संगठन के लिए काम करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की संख्या कम नहीं है। बूथ से लेकर मंडल और जिला स्तर तक पार्टी के कार्यकर्ता लगातार संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय हैं। इसके बावजूद काशी क्षेत्र की नई टीम में जिले का प्रतिनिधित्व नहीं होने से कार्यकर्ताओं में निराशा की चर्चा है।
वहीं मछलीशहर के डॉ. अभिषेक रावत को क्षेत्रीय मंत्री बनाए जाने से वहां के कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। इसे मछलीशहर के संगठनात्मक प्रभाव और क्षेत्रीय नेतृत्व में उसकी बढ़ती भागीदारी के तौर पर भी देखा जा रहा है।
‘आखिर जौनपुर की दावेदारी कहां कमजोर पड़ी?’
नई क्षेत्रीय कार्यसमिति सामने आने के बाद जौनपुर भाजपा में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर क्षेत्रीय संगठन में जिले की दावेदारी कहां कमजोर पड़ गई? क्या जिले के नेताओं की दावेदारी पर विचार नहीं हुआ या फिर संगठन ने किसी दूसरे समीकरण को प्राथमिकता दी?
फिलहाल पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन इतना तय है कि काशी क्षेत्र की नई टीम में मछलीशहर को मिली जगह और जौनपुर की खाली झोली ने दोनों जिलों की भाजपा राजनीति में चर्चा को नई हवा दे दी है।
क्षेत्रीय टीम की घोषणा ने जहां मछलीशहर के संगठन को उत्साहित किया है, वहीं जौनपुर के नेताओं और कार्यकर्ताओं को मायूसी हाथ लगी है।

