वरिष्ठ अधिवक्ता मिन्नालाल तिवारी का निधन, 61 वर्षों तक दीवानी न्यायालय में की वकालत

 89 वर्ष की उम्र में ओलंदगंज स्थित आवास पर ली अंतिम सांस, रामघाट पर नागरिक सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

जौनपुर। सिविल कोर्ट जौनपुर में फौजदारी के वरिष्ठतम अधिवक्ताओं में शुमार पंडित मिन्नालाल तिवारी एडवोकेट का गुरुवार को निधन हो गया। उन्होंने ओलंदगंज स्थित अपने आवास पर 89 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से अधिवक्ता समाज सहित शहर के राजनीतिक, सामाजिक और व्यापारिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। अपने 61 वर्षों के वकालत जीवन में उन्होंने न्यायालय में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अधिवक्ता जगत में विशिष्ट पहचान बनाई।


मूल रूप से मछलीशहर तहसील क्षेत्र के महापुर गांव निवासी पंडित मिन्नालाल तिवारी, स्वर्गीय पंडित हरिहर प्रसाद तिवारी के पुत्र थे। उन्होंने वर्ष 1965 में जौनपुर दीवानी न्यायालय में वकालत की शुरुआत की थी। अपने शुरुआती दौर में उन्होंने जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय बल्देव जी मेहरोत्रा के यहां स्वर्गीय सूर्यबली यादव एडवोकेट के साथ वकालत शुरू की। लंबे अनुभव, कानूनी दक्षता और कार्य के प्रति समर्पण के बल पर उन्होंने फौजदारी के क्षेत्र में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में अपनी पहचान स्थापित की।


वरिष्ठ अधिवक्ता के निधन का समाचार मिलते ही जौनपुर शहर के विधायक एवं प्रदेश सरकार में खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव उनके ओलंदगंज स्थित आवास पहुंचे। उन्होंने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।


महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, दीवानी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अवधेश सिंह, मंत्री मनीष सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता तेज बहादुर सिंह, प्रेम शंकर मिश्र, दुष्यंत सिंह और गौरी शंकर मिश्रा सहित अनेक लोगों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।  रामदयाल दुबे, सतेंद्र बहादुर सिंह, रमेश चंद उपाध्याय और जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी लाल बहादुर पाल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, व्यापारी, राजनेता और पत्रकार भी शोक जताने पहुंचे।


अंतिम संस्कार से पूर्व पंडित मिन्नालाल तिवारी के पार्थिव शरीर को दीवानी न्यायालय अधिवक्ता संघ परिसर में लाया गया। यहां बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने उनके अंतिम दर्शन किए और पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान न्यायालय परिसर में शोक का माहौल रहा।


इसके बाद आदि गंगा गोमती के पावन तट स्थित रामघाट पर उनका अंतिम संस्कार पूरे नागरिक सम्मान के साथ किया गया। अंतिम विदाई देने के लिए अधिवक्ताओं, समाजसेवियों, व्यापारियों, राजनेताओं और पत्रकारों की भारी भीड़ उमड़ी।


पंडित मिन्नालाल तिवारी अपने पीछे दो पुत्रों और तीन पुत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके पुत्र राहुल तिवारी एडवोकेट भी अधिवक्ता हैं, जबकि ज्येष्ठ पुत्र विजय प्रताप तिवारी राज डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर हैं।


पंडित मिन्नालाल तिवारी का निधन जौनपुर के अधिवक्ता समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। छह दशक से अधिक समय तक न्यायालय में अपनी सेवाएं देने वाले तिवारी को उनके लंबे अनुभव, कानूनी कार्य और अधिवक्ता समाज में योगदान के लिए याद किया जाता रहेगा।

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