पारंपरिक खेलों के जरिए युवाओं को जोड़ने की पहल
खेतासराय में आयोजित हुआ ‘आओ खेलें’ कार्यक्रम
जौनपुर। मोबाइल गेम के बढ़ते चलन के बीच पारंपरिक खेलों को पुनर्जीवित करने और युवाओं में आपसी सहयोग की भावना विकसित करने के उद्देश्य से खेतासराय के तकिया मोहल्ले में ‘आओ खेलें’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। साझी सोच कार्यक्रम के तहत आजाद शिक्षा केंद्र की ओर से आयोजित इस खेल कार्यक्रम में सोंधी, डोभी, युनुसपुर, खुदौली, मैनुद्दीनपुर सहित खेतासराय वार्ड के युवाओं ने रस्साकशी, बोतल गेम, सतौलिया और बुढ़िया कबड्डी जैसे पारंपरिक खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाई।
आजाद शिक्षा केंद्र के प्रमुख निसार अहमद खान ने युवाओं से पारंपरिक खेलों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि टायर गेम, रस्सीकूद, रस्साकशी जैसे खेल बिना अधिक खर्च के खेले जा सकते हैं। मोबाइल पर गेम खेलने के बजाय मैदान में साथियों के साथ खेलने से आपसी जुड़ाव बढ़ता है। शारीरिक और मानसिक विकास के लिए एक-दूसरे से मिलना, संवाद करना और सामूहिक गतिविधियों में भाग लेना जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में ज्योतिका श्रीवास्तव ने युवाओं को संकल्प दिलाया कि वे अपने गांवों में बच्चों, युवाओं और महिलाओं के साथ पारंपरिक खेलों का आयोजन करेंगे तथा अन्य लोगों को भी इनके प्रति प्रेरित करेंगे। सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर कार्यक्रम का समापन किया गया।

