क़दम रसूल छोटी लाइन इमामबाड़े में रौज़ा-ए-रसूल, इमाम हुसैन व मौला अब्बास के रौज़ों का संगे बुनियाद रखा गया
आयतुल्लाह सैय्यद शमीमुल हसन रिज़वी ने रखी बुनियाद, मजलिस-ए-अज़ा में अहलेबैत की सीरत पर हुई तकरीर
जौनपुर। क़दम रसूल छोटी लाइन स्थित इमामबाड़े की मुकद्दस जमीन पर रौज़ा-ए-रसूल, इमाम हुसैन और मौला अब्बास के रौज़ों का संगे बुनियाद बड़े ही अकीदत और एहतराम के साथ रखा गया। इस मौके पर आयोजित मजलिस-ए-अज़ा में बड़ी संख्या में मोमिनीन ने शिरकत कर अपनी अकीदत का इजहार किया।
रौज़ों की बुनियाद शमीमुल मिल्लत आयतुल्लाह सैय्यद शमीमुल हसन रिज़वी (बनारस) के दस्ते मुबारक से रखी गई। इस मौके पर मौलाना मोहम्मद मोहसिन (फैजाबाद) और मौलाना सैय्यद शैज़ान हुसैन जैदी भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का आगाज क़ारी फज़ल अब्बास आज़मी ने तिलावते कलामे पाक से किया। मजलिस को मौलाना सैय्यद असग़र रिज़वी ने खिताब करते हुए रौज़ा-ए-रसूल की अहमियत और अहलेबैत अलैहिस्सलाम की सीरत पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने अहलेबैत की शिक्षाओं और उनके बताए रास्ते पर चलने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में सोज़ख्वानी सैयद शिहाब हैदर साहब व रुफका ने की, जबकि पेशख्वानी हसन फतेहपुरी, डॉ. मेहदी आज़मी और खुमैनी आफाक़ी ने पेश की। इस दौरान अंजुमन शमशीर हैदरी, सदर इमामबाड़ा ने नौहाख्वानी का नजराना पेश किया। नौहाख्वानी के दौरान माहौल गमगीन और अकीदत से सराबोर हो गया।
कार्यक्रम मौलाना शेख हसन जाफर और मौलाना सैय्यद बाक़र मेहदी की सरपरस्ती में संपन्न हुआ। निजामत की जिम्मेदारी बेलाल हसनैन ने निभाई।
अंत में पंजतनी कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व सभासद शाहिद मेहदी, नेहाल हैदर, कैफी रिज़वी, एजाज हुसैन, रियाज मोहसिन, नियाज हुसैन, सकलैन हैदर खान कंपू और सैय्यद हसनैन कमर दीपू ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी मोमिनीन का शुक्रिया अदा किया।

