11 लाख रूपये की चाय पी जाते है गाजीपुर के मास्टर
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स्वामी सहजानन्द महाविद्यालय के शिक्षको का कारनामा
-एक दो हजार नही बल्कि साल में 11 लाख रूपये का चाय जी हां ये हम नही कह रहे है बल्कि जनपद के स्वामी सहजानन्द महाविद्यालय में पिछले 5 दिनो से अनशन पर बैठे छात्र जो अपनी 10 सुत्रीय मांगो को लेकर पहले धरना दिये लेकिन धरने के बाद भी इनकी सुनने वाला कोई नही था तब ये धरने को अनशन में तब्दील कर आज छठे दिन भी अपना अनशन जारी किये हुए है। अनशन कर रहे छात्र नेताओ ने बताया की कालेज परिसर में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है प्रवेश के लिए बिकने वाला फार्म 10 की जगह 100 रूपये में बिक रहा है और यह सौ रूपया कहां जाता है इसके बारे में कालेज प्रशासन कुछ भी बताने से इंकार कर रहा है। बहुत ज्यादा दबाव देने पर उस राशि को चाय पानी के लिए खर्च करना बता रहे है जो लगभग 11 लाख रूपये के आस पास होता है। ऐसे में सवाल उठता है की जो कालेज 11 लाख का चाय पी जाता हो वह खाने पीने के नाम पर करोडो भी खर्च करे तो कोई हैरानी नही होनी चाहिए। इसके अलावा छात्र नेताओ ने कहां की कालेज में पक्षपात किया जाता है उनके हास्टल में गन्दगी का अम्बार पीने के लिए पानी नही बावजुद कालेज प्रशासन उनकी सुनने का नाम नही ले रहा है। -एक ओर जहां छात्र प्राचार्य और कालेज प्रशासन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे है वही कालेज में छात्रो के डर से पुरा कालेज प्रशासन कालेज छोड भागा हुआ है। प्राचार्य ने बताया की अनशन पर बैठे छात्रो में से कई छात्र हमारे कालेज के नही है वही उनमें से 4 छात्र जिन पर पूर्व में कालेज में आगजनी व तोड फोड करने का मामला दर्ज उस मामले को खत्म कराने का पहले दबाव बनाया और जब दबाव नही बन पाया तब ये इस तरह के अनशन कर रहे है। वही छात्र सिर्फ अनशन करने का ढोंग कर रहे है जबकि रात्रि में ये दारू और मुर्गा का भोज कर रहे है।वही कल वार्ता करने गये प्रचाय्र पर हमला भी किया गया जिसको देखते हुए कालेज प्रशासन ने 10 नामजद और 50 अज्ञात छात्रो पर मुकदमा भी दर्ज कराया है।
बरिष्ठ पत्रकार का निधन पूर्वांचल में शोक की लहर
गाजीपुर-गाजीपुर जनपद के बयोबृद्ध यश भारती पुरस्कार से सम्मानित विजय कुमार की 82 साल की अवस्था में आज ईलाज के लिए वाराणसी ले जाते हुए रास्ते में निधन हो गया। विजय कुमार जी ने वाराणसी से प्रकाशित हिन्दी दैनिक आज से पात्रकारिता आरम्भ किया बाद में वाराणसी से ही प्रकाशित जनवार्ता के साथ लम्बे समय तक जुडे रहे। बाद में राष्ट्रीय सहारा लखनऊ संस्करण के साथ भी काफी दिनो तक जुडे रहे। वर्ष 2007 में मुलायम सरकार में इन्हे यश भारती पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। आज उनके निधन की जानकारी होने पर पत्रकार जगत में शोक की लहर दौड गई। जिसके क्रम में गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन के कैम्प कार्यालय पर शोक सभा भी किया गया जिसमें कई पत्रकार शामिल रहे।
जन प्रतिनिधि निजी स्वार्थ में खर्च कर रहे जनता का पैसा
गाजीपुर-सरकार के द्वारा विधायको को साल में करोडो रूपये की निधि क्षेत्र के विकास के लिए दिया जाता है लेकिन जनपद के विधायक और एम0एल0सी0 अपने लाभ के लिए निधि को ऐसे लोगो को आवंटित करते है जिसका कोई वजूद ही नही होता है। ऐसा ही एक मामला जनपद के बिरनो ब्लाक के दिदोहर ग्राम स्थित सिद्वार्थ इण्टर कालेज,शिक्षा निकेतन,उ0मा0वि.दिदोहर में वर्ष 2002-03 से 2005-06 तक बिना जमीन के ही विभाग से मान्यता लेकर जहां लाखो रूपये की छात्रवृत्ति का घोटाला किया गया वही कई विधायक व एम0एल0सी0की निधि भी इन स्कूलो को दिया गया जिसका कोई अस्तित्व ही नही था। उक्त के खिलाफ मुख्यमंत्री के यहां शिकायत करने पर जांच के बाद घोटाले का पर्दाफाश हुआ है वही जांच के कई महीने बीतने के बाद भी अब तक कारवाई ना होने कई तरह के सवाल भी उठ रहे है। गाजीपुर के बिरनो ब्लाक के दिदोहर गांव में सिद्वार्थ शिक्षा निकेतन,सिद्वार्थ जुनियर हाईस्कुल,सिद्वार्थ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय व सिद्वार्थ इण्टर कालेज के नाम पर हजारो छात्रो का दाखिला दिखा प्रबन्धक राम अवतार कु”ावाहा ने विभाग से मान्यता लेने का काम किया था। इतना ही नही मान्यता के साथ साथ वर्ष 2002 से 2005 के बीचं कक्ष निर्माण के नाम पर 50 हजार ब्रजभूषण कुशवाहा एम0एल0सी,3लाख विधायक उमाशंकर कुशवाहा, 7.5 लाख श्यामनन्दन सिंह एम0एल0सी0 से विधायक निधि भी लिया। लेकिन उक्त विद्यालय के पास अपनी जमीन ही नही थी जिस पर विभाग ने मान्यता दिया था। जब इसकी जानकारी रविन्द्र को हुई तो उसने जनपद के अधिकारीयो के यहां शिकायत किया लेकिन प्रबन्धक की रसूख के चलते कोई कारवाई नही होने पर रविन्द्र ने मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत किया शिकायत के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से उक्त मामले में जांच के लिए पत्र जिलाधिकारी के पास आया। जिलाधिकारी ने उक्त मामले की जांच के लिए परियोजना निदेशक और अभियन्ता डी0आर0डी0ए0 को जांच अधिकारी नियुक्त किया जिसमें उक्त शिकायत की पुष्टि हुई साथ ही जांच अधिकारी ने उक्त मामले में स्ूकूल प्रबन्धक को दोष्ीा करार देते हुए शासकीय धन में हेरा फेरी का भी आरोप लगाते हुए जांच रिर्पोट जिलाधिकारी के पास भेज दिया। उक्त जांच को कई माह बितनंे के बाद भी अब तक किसी भी तरह की कोई कारवाई ना होने पर ”िाकायतकर्ता रविन्द्र आज दुखी व निराश नजर आ रहा है। वही जब इस मामले में स्कूल प्रबन्धक से जानना चाहा तो उसने अपने आप को पाक साफ बताते हुए कहां की इस तरह के मामले जनपद के 90 फीसदी स्कुलो में चल रहा है जिसके लिए विभाग के अधिकारी दोषी है जो सबकुछ जानने के बाद भी इस तरह से मान्यता देते है। इस प्रकार के प्रकरणो की यह एक बानगी मात्र है,अगर जिला प्रशासन ने दम हो तो उक्त मामले की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराये तो कई चैकानंे वाले तथ्य सामने आयेंगे। वही आज जब उक्त मामले पर जिलाधिकारी चन्द्रपाल सिंह से जानना चाहा तो उन्होने बताया की अब तक जांच रिपोट उनके पास नही पहुचा है और आप लोगो के माध्यम से जानकारी हो रहा है। ऐसे में रिर्पोट के आधार पर कारवाई किया जायेगा या इस प्रकार कियंे गये सरकारी धन की लूट की अनदेखी कत्तई नही होगी।
शिक्षा विभाग 3 वर्षो रसोइयो के हक पर डाल रहा है डाका
गाजीपुर-हक मांगना सबका अधिकार है और हक देना जिला प्रशासन का काम लेकिन जनपद का बेसिक शिक्षा विभाग पिछले 3 सालो से महिला रसोईयो के मानदेय पर डाका डाल उनके हक से वंचित किया हुआ है। हक से वंचित सुनीता राजभर महिला रसोईया जिसका 2 साल से मानदेय बकाया था लेकिन विभाग के लापरवाही के चलते आज उसकी मौत हो गई। जिसके बाद महिला रसोईयो ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का घेराव कर दोषी अधिकारी व ग्राम प्रधान के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग किया। गाजीपुर के भावरकोल ब्लाक के सुखपुरा ग्राम सभा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय जहां पर सुनीता राजभर रसोईये के पद पर कार्यरत थी। ग्राम प्रधान और ए0बी0एस0ए0 के तानाशाही के चलते पिछले दिनो उसे कार्य से हटा भी दिया गया था। लेकिन रसोईया संघ के दबाव के चलते विभाग ने फिर उसे बहाल तो कर दिया लेकिन उसका मानदेय जो 1000रूपया प्रतिमाह है उसका भुगतान 3 माह का किया जबकि 2 साल का मानदेय नही किया और उससे लगातार काम लेते रहा। इस दौरान सुनीता बिमार और गर्भवती थी जिसे पैसो की सख्त जरूरत थी जिसके लिए रसोईया संघ ने कई बार विभाग को अवगत भी कराया लेकिन विभाग ने उसे अनसुना कर दिया जिससे आज पैसे और ईलाज के अभाव में सुनीता ने दम तोड दिया। जिसके बाद आज भारी मात्रा में रसोईयो ने अपने हक के साथ ही मृत साथी के साथ न्याय को लेकर आज बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय को जाम कर दिया। आज इन रसोईयो और उनके संघ के संरक्षक राजेन्द्र यादव ने इस मौत के लिए दोषी अधिकारीयो पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराये जाने तक विभाग का घेराव करने का ऐलान किया। उन लोगो ने बताया की विभाग के अधिकारी पिछले 3 साल से उन्हे मानदेय देने के लिए विभाग पर बुलाते और फिर उन्हे आश्वासन की घुट्टी पिला चलते कर देते है। वही बेसिक शिक्षा विभाग पर रसोईयो के द्वारा घेराव करने की जानकारी पर एस0डी0एम0 अमित सिंह भी मौके पर पहुच इनकी समस्याओ को जानने की कोशिश किया और उनकी समस्याओ को जल्द निस्तारण करने का आश्वासन दिया।
-एक दो हजार नही बल्कि साल में 11 लाख रूपये का चाय जी हां ये हम नही कह रहे है बल्कि जनपद के स्वामी सहजानन्द महाविद्यालय में पिछले 5 दिनो से अनशन पर बैठे छात्र जो अपनी 10 सुत्रीय मांगो को लेकर पहले धरना दिये लेकिन धरने के बाद भी इनकी सुनने वाला कोई नही था तब ये धरने को अनशन में तब्दील कर आज छठे दिन भी अपना अनशन जारी किये हुए है। अनशन कर रहे छात्र नेताओ ने बताया की कालेज परिसर में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है प्रवेश के लिए बिकने वाला फार्म 10 की जगह 100 रूपये में बिक रहा है और यह सौ रूपया कहां जाता है इसके बारे में कालेज प्रशासन कुछ भी बताने से इंकार कर रहा है। बहुत ज्यादा दबाव देने पर उस राशि को चाय पानी के लिए खर्च करना बता रहे है जो लगभग 11 लाख रूपये के आस पास होता है। ऐसे में सवाल उठता है की जो कालेज 11 लाख का चाय पी जाता हो वह खाने पीने के नाम पर करोडो भी खर्च करे तो कोई हैरानी नही होनी चाहिए। इसके अलावा छात्र नेताओ ने कहां की कालेज में पक्षपात किया जाता है उनके हास्टल में गन्दगी का अम्बार पीने के लिए पानी नही बावजुद कालेज प्रशासन उनकी सुनने का नाम नही ले रहा है। -एक ओर जहां छात्र प्राचार्य और कालेज प्रशासन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे है वही कालेज में छात्रो के डर से पुरा कालेज प्रशासन कालेज छोड भागा हुआ है। प्राचार्य ने बताया की अनशन पर बैठे छात्रो में से कई छात्र हमारे कालेज के नही है वही उनमें से 4 छात्र जिन पर पूर्व में कालेज में आगजनी व तोड फोड करने का मामला दर्ज उस मामले को खत्म कराने का पहले दबाव बनाया और जब दबाव नही बन पाया तब ये इस तरह के अनशन कर रहे है। वही छात्र सिर्फ अनशन करने का ढोंग कर रहे है जबकि रात्रि में ये दारू और मुर्गा का भोज कर रहे है।वही कल वार्ता करने गये प्रचाय्र पर हमला भी किया गया जिसको देखते हुए कालेज प्रशासन ने 10 नामजद और 50 अज्ञात छात्रो पर मुकदमा भी दर्ज कराया है।
बरिष्ठ पत्रकार का निधन पूर्वांचल में शोक की लहर
गाजीपुर-गाजीपुर जनपद के बयोबृद्ध यश भारती पुरस्कार से सम्मानित विजय कुमार की 82 साल की अवस्था में आज ईलाज के लिए वाराणसी ले जाते हुए रास्ते में निधन हो गया। विजय कुमार जी ने वाराणसी से प्रकाशित हिन्दी दैनिक आज से पात्रकारिता आरम्भ किया बाद में वाराणसी से ही प्रकाशित जनवार्ता के साथ लम्बे समय तक जुडे रहे। बाद में राष्ट्रीय सहारा लखनऊ संस्करण के साथ भी काफी दिनो तक जुडे रहे। वर्ष 2007 में मुलायम सरकार में इन्हे यश भारती पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। आज उनके निधन की जानकारी होने पर पत्रकार जगत में शोक की लहर दौड गई। जिसके क्रम में गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन के कैम्प कार्यालय पर शोक सभा भी किया गया जिसमें कई पत्रकार शामिल रहे।
जन प्रतिनिधि निजी स्वार्थ में खर्च कर रहे जनता का पैसा
गाजीपुर-सरकार के द्वारा विधायको को साल में करोडो रूपये की निधि क्षेत्र के विकास के लिए दिया जाता है लेकिन जनपद के विधायक और एम0एल0सी0 अपने लाभ के लिए निधि को ऐसे लोगो को आवंटित करते है जिसका कोई वजूद ही नही होता है। ऐसा ही एक मामला जनपद के बिरनो ब्लाक के दिदोहर ग्राम स्थित सिद्वार्थ इण्टर कालेज,शिक्षा निकेतन,उ0मा0वि.दिदोहर में वर्ष 2002-03 से 2005-06 तक बिना जमीन के ही विभाग से मान्यता लेकर जहां लाखो रूपये की छात्रवृत्ति का घोटाला किया गया वही कई विधायक व एम0एल0सी0की निधि भी इन स्कूलो को दिया गया जिसका कोई अस्तित्व ही नही था। उक्त के खिलाफ मुख्यमंत्री के यहां शिकायत करने पर जांच के बाद घोटाले का पर्दाफाश हुआ है वही जांच के कई महीने बीतने के बाद भी अब तक कारवाई ना होने कई तरह के सवाल भी उठ रहे है। गाजीपुर के बिरनो ब्लाक के दिदोहर गांव में सिद्वार्थ शिक्षा निकेतन,सिद्वार्थ जुनियर हाईस्कुल,सिद्वार्थ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय व सिद्वार्थ इण्टर कालेज के नाम पर हजारो छात्रो का दाखिला दिखा प्रबन्धक राम अवतार कु”ावाहा ने विभाग से मान्यता लेने का काम किया था। इतना ही नही मान्यता के साथ साथ वर्ष 2002 से 2005 के बीचं कक्ष निर्माण के नाम पर 50 हजार ब्रजभूषण कुशवाहा एम0एल0सी,3लाख विधायक उमाशंकर कुशवाहा, 7.5 लाख श्यामनन्दन सिंह एम0एल0सी0 से विधायक निधि भी लिया। लेकिन उक्त विद्यालय के पास अपनी जमीन ही नही थी जिस पर विभाग ने मान्यता दिया था। जब इसकी जानकारी रविन्द्र को हुई तो उसने जनपद के अधिकारीयो के यहां शिकायत किया लेकिन प्रबन्धक की रसूख के चलते कोई कारवाई नही होने पर रविन्द्र ने मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत किया शिकायत के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से उक्त मामले में जांच के लिए पत्र जिलाधिकारी के पास आया। जिलाधिकारी ने उक्त मामले की जांच के लिए परियोजना निदेशक और अभियन्ता डी0आर0डी0ए0 को जांच अधिकारी नियुक्त किया जिसमें उक्त शिकायत की पुष्टि हुई साथ ही जांच अधिकारी ने उक्त मामले में स्ूकूल प्रबन्धक को दोष्ीा करार देते हुए शासकीय धन में हेरा फेरी का भी आरोप लगाते हुए जांच रिर्पोट जिलाधिकारी के पास भेज दिया। उक्त जांच को कई माह बितनंे के बाद भी अब तक किसी भी तरह की कोई कारवाई ना होने पर ”िाकायतकर्ता रविन्द्र आज दुखी व निराश नजर आ रहा है। वही जब इस मामले में स्कूल प्रबन्धक से जानना चाहा तो उसने अपने आप को पाक साफ बताते हुए कहां की इस तरह के मामले जनपद के 90 फीसदी स्कुलो में चल रहा है जिसके लिए विभाग के अधिकारी दोषी है जो सबकुछ जानने के बाद भी इस तरह से मान्यता देते है। इस प्रकार के प्रकरणो की यह एक बानगी मात्र है,अगर जिला प्रशासन ने दम हो तो उक्त मामले की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराये तो कई चैकानंे वाले तथ्य सामने आयेंगे। वही आज जब उक्त मामले पर जिलाधिकारी चन्द्रपाल सिंह से जानना चाहा तो उन्होने बताया की अब तक जांच रिपोट उनके पास नही पहुचा है और आप लोगो के माध्यम से जानकारी हो रहा है। ऐसे में रिर्पोट के आधार पर कारवाई किया जायेगा या इस प्रकार कियंे गये सरकारी धन की लूट की अनदेखी कत्तई नही होगी।
शिक्षा विभाग 3 वर्षो रसोइयो के हक पर डाल रहा है डाका
गाजीपुर-हक मांगना सबका अधिकार है और हक देना जिला प्रशासन का काम लेकिन जनपद का बेसिक शिक्षा विभाग पिछले 3 सालो से महिला रसोईयो के मानदेय पर डाका डाल उनके हक से वंचित किया हुआ है। हक से वंचित सुनीता राजभर महिला रसोईया जिसका 2 साल से मानदेय बकाया था लेकिन विभाग के लापरवाही के चलते आज उसकी मौत हो गई। जिसके बाद महिला रसोईयो ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का घेराव कर दोषी अधिकारी व ग्राम प्रधान के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग किया। गाजीपुर के भावरकोल ब्लाक के सुखपुरा ग्राम सभा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय जहां पर सुनीता राजभर रसोईये के पद पर कार्यरत थी। ग्राम प्रधान और ए0बी0एस0ए0 के तानाशाही के चलते पिछले दिनो उसे कार्य से हटा भी दिया गया था। लेकिन रसोईया संघ के दबाव के चलते विभाग ने फिर उसे बहाल तो कर दिया लेकिन उसका मानदेय जो 1000रूपया प्रतिमाह है उसका भुगतान 3 माह का किया जबकि 2 साल का मानदेय नही किया और उससे लगातार काम लेते रहा। इस दौरान सुनीता बिमार और गर्भवती थी जिसे पैसो की सख्त जरूरत थी जिसके लिए रसोईया संघ ने कई बार विभाग को अवगत भी कराया लेकिन विभाग ने उसे अनसुना कर दिया जिससे आज पैसे और ईलाज के अभाव में सुनीता ने दम तोड दिया। जिसके बाद आज भारी मात्रा में रसोईयो ने अपने हक के साथ ही मृत साथी के साथ न्याय को लेकर आज बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय को जाम कर दिया। आज इन रसोईयो और उनके संघ के संरक्षक राजेन्द्र यादव ने इस मौत के लिए दोषी अधिकारीयो पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराये जाने तक विभाग का घेराव करने का ऐलान किया। उन लोगो ने बताया की विभाग के अधिकारी पिछले 3 साल से उन्हे मानदेय देने के लिए विभाग पर बुलाते और फिर उन्हे आश्वासन की घुट्टी पिला चलते कर देते है। वही बेसिक शिक्षा विभाग पर रसोईयो के द्वारा घेराव करने की जानकारी पर एस0डी0एम0 अमित सिंह भी मौके पर पहुच इनकी समस्याओ को जानने की कोशिश किया और उनकी समस्याओ को जल्द निस्तारण करने का आश्वासन दिया।

