हिन्दी दिवस पर विशेषः इस वर्ष भी हिन्दी नहीं पढ़ पायेंगे विद्यार्थी
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जौनपुर। आज पूरे देश में हिन्दी दिवस मनाया जा रहा है। हिन्दी भाषा को बढ़ाने के लिये सरकारी विभागों सहित उसका प्रचार-प्रसार जोरों से किया जा रहा है लेकिन जिले के कुछ महाविद्यालयों में हिन्दी दिवस के दिन छात्र हिन्दी नहीं पढ़ पायेंगे। ऐसा दूसरी बार हो रहा है जिसका जिम्मेदार पूर्वांचल विश्वविद्यालय का परीक्षा विभाग है। बीए द्वितीय वर्ष का परिणाम घोषित होने के बावजूद कालेज में रिजल्ट अभी तक नहीं भेजा गया जिसके चलते जो छात्र उत्तीर्ण हैं और बीए तृतीय वर्ष में हिन्दी से पढ़ने वाले हैं, वे हिन्दी दिवस के दिन हिन्दी नहीं पढ़ पायेंगे। मालूम हो कि पूरे देश व प्रदेश में हिन्दी को बढ़ावा के लिये विविध कार्यक्रम किये जाते हैं।
हिन्दी भाषा को बढ़ावा के लिये सरकार भी अपने विभागों में हिन्दी भाषा का प्रयोग करने का निर्देश दिया है लेकिन पूविवि की खामियों के चलते कुछ महाविद्यालयों में हिन्दी दिवस पर छात्र हिन्दी नहीं पढ़ पायेंगे। ऐसा दूसरी बार हुआ है। इसके पूर्व भी बीए प्रथम वर्ष का परिणाम देर से घोषित होने के बाद बीए द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राएं हिन्दी दिवस बीत जाने के बाद हिन्दी की पढ़ाई शुरू हो सकी। इस सम्बन्ध में पूछे जाने पर छात्र-छात्राओं का कहना है कि वे हिन्दी विषय को बड़े चाव से पढ़ते हैं लेकिन दो वर्षों से हिन्दी दिवस के बाद हिन्दी की पढ़ाई शुरू हो रही है। इसका कारण यह है कि पिछले वर्ष बीए प्रथम वर्ष का परिणाम और इस वर्ष बीए द्वितीय वर्ष का परिणाम देर से आया। बीए द्वितीय वर्ष का परिणाम वेबसाइट पर तो आ गया है लेकिन महाविद्यालयों पर अंक पत्र न आने से अभी तक प्रवेश की प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो सकी है जिसके चलते इस वर्ष भी विद्यार्थी इस वर्ष भी हिन्दी विषय को हिन्दी दिवस पर नहीं पढ़ पायेंगे।
हिन्दी भाषा को बढ़ावा के लिये सरकार भी अपने विभागों में हिन्दी भाषा का प्रयोग करने का निर्देश दिया है लेकिन पूविवि की खामियों के चलते कुछ महाविद्यालयों में हिन्दी दिवस पर छात्र हिन्दी नहीं पढ़ पायेंगे। ऐसा दूसरी बार हुआ है। इसके पूर्व भी बीए प्रथम वर्ष का परिणाम देर से घोषित होने के बाद बीए द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राएं हिन्दी दिवस बीत जाने के बाद हिन्दी की पढ़ाई शुरू हो सकी। इस सम्बन्ध में पूछे जाने पर छात्र-छात्राओं का कहना है कि वे हिन्दी विषय को बड़े चाव से पढ़ते हैं लेकिन दो वर्षों से हिन्दी दिवस के बाद हिन्दी की पढ़ाई शुरू हो रही है। इसका कारण यह है कि पिछले वर्ष बीए प्रथम वर्ष का परिणाम और इस वर्ष बीए द्वितीय वर्ष का परिणाम देर से आया। बीए द्वितीय वर्ष का परिणाम वेबसाइट पर तो आ गया है लेकिन महाविद्यालयों पर अंक पत्र न आने से अभी तक प्रवेश की प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो सकी है जिसके चलते इस वर्ष भी विद्यार्थी इस वर्ष भी हिन्दी विषय को हिन्दी दिवस पर नहीं पढ़ पायेंगे।
