जौनपुर पुलिस की मानवीय संवेदनाये हुई तारतार , तीन दिन शव लेकर चक्कर काटने के बाद भी नही लिखी एफआईआर
https://www.shirazehind.com/2014/01/blog-post_18.html
जौनपुर जिले के सरायखाजा थाना क्षेत्र में शिकारपुर गांव का इलाका आज कड़ाके कि ठण्ड और झमाझम बारिश के बीच अचानक गर्म हो गया। भारी संख्या में महिला पुरुष और बच्चे शिकारपुर पुलिस चौकी के सामने चक्का जाम कर पुलिस के खिलाफ नारेबाज़ी शुरू कर दिया। इस झाम का कारण था 13 जनवरी को हुई मारपीट में घायल युवक की इलाज के दौरान 3 दिन पहले मौत हो गई थी उसी दिन से परिवार वाले शव को लेकर एफआईआर दर्ज कराने और आरोपियो की गिरफ्तारी करने के लिए पुलिस थाने का चक्कर काट रहे थे लेकिन पुलिस के कानो में जू तक नही रेगा।
कड़ाके की ठण्ड और झमाझम बारिश के मौसम के बीच सड़को पर उतरी यह जनता पुलिस की मानवीय संवेदनाये तारतार होने के कारण आज अपना जॉन जोखिम डाल दिया। इनके आक्रोश का कारण है 13 जनवरी को शिकारपुर गांव में मामूली विवाद को लेकर दो पक्षो में जमकर मारपीट हुई थी इस घटना में इद्रजीत निषाद बुरी तरह से घायल हो गया था वाराणसी में इलाज के दरम्यान 16 जनवरी को उसकी मौत हो गई। उसी दिन से परिवार वाले शव लेकर आरोपियो के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने का चक्कर काट रहे थे लेकिन पुलिस ने रपट नही लिखा। पुलिस की उदासीनता के कारण आज ये लोग कानून तोड़ने को मजबूर हो गये है।
ग्रामीणो का गुस्सा फूटते ही पुलिस प्रशासन में हड़कांप मच देखते देखते पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गये। कल तक रिपोर्ट लिखने में हीलाहवाली करने वाली पुलिस फ़ौरन एफआईआर दर्ज कर लिया उधर एसडीएम ने मृतक के परिजनो को किसान वीमा के तहत पांच लाख रूपये मुआवजा दिलाने का ऐलान किया
कड़ाके की ठण्ड और झमाझम बारिश के मौसम के बीच सड़को पर उतरी यह जनता पुलिस की मानवीय संवेदनाये तारतार होने के कारण आज अपना जॉन जोखिम डाल दिया। इनके आक्रोश का कारण है 13 जनवरी को शिकारपुर गांव में मामूली विवाद को लेकर दो पक्षो में जमकर मारपीट हुई थी इस घटना में इद्रजीत निषाद बुरी तरह से घायल हो गया था वाराणसी में इलाज के दरम्यान 16 जनवरी को उसकी मौत हो गई। उसी दिन से परिवार वाले शव लेकर आरोपियो के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने का चक्कर काट रहे थे लेकिन पुलिस ने रपट नही लिखा। पुलिस की उदासीनता के कारण आज ये लोग कानून तोड़ने को मजबूर हो गये है।
ग्रामीणो का गुस्सा फूटते ही पुलिस प्रशासन में हड़कांप मच देखते देखते पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गये। कल तक रिपोर्ट लिखने में हीलाहवाली करने वाली पुलिस फ़ौरन एफआईआर दर्ज कर लिया उधर एसडीएम ने मृतक के परिजनो को किसान वीमा के तहत पांच लाख रूपये मुआवजा दिलाने का ऐलान किया


