...जब आंख में घुसे सरिए के साथ खुद पहुंचा हॉस्पिटल!
https://www.shirazehind.com/2014/01/blog-post_1862.html
वाराणसी. कभी-कभी कुछ ऐसी घटनाएं हो जाती हैं, जिसमें सामना
सीधे मौत से होता है। मंडलीय हॉस्पिटल में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया।
यहां करीब तीन फीट बड़ा लोहे का सरिया ठीक आखों के नीचे धंसा गोपाल नाम का
एक व्यक्ति पहुंचा।
डॉक्टरों ने तुरंत धंसे सरिए कि जांच करने के बाद व्यक्ति का ऑपरेशन
करने का फैसला किया। डॉक्टरों के मुताबिक दो इंच सरिया टिशू को छेड़ते हुए
नाजुक आंखों के नीचे धंसा था। आधे घंटे के क्रिटिकल ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों
ने उस सरिए को निकालने में कामयाबी हासिल की।
डॉ प्रशांत ने बताया कि ऐसे केस काफी रेयर होते हैं। तीन फीट का सरिया
गोपाल के आंखों के नीचले हिस्से में धंसा था। यह मामला रेयर इसलिए था
क्योंकि हड्डी से टकरा कर सारिया कर्व (घूम) हो गया था, जिसको निकालना सबसे
बड़ी चुनौती था।
तीन डॉक्टरों की टीम ने मिलकर आधे घंटे के मेजर ऑपरेशन के बाद सरिया
को निकालने में कामयाबी हासिल की। कुछ टिशू बुरी तरह इंजर्ड हुए हैं।
फ़िलहाल मरीज मौत के मुंह से बाहर है।
गोपाल पेशे से पान विक्रेता है। सुबह जब वह अपनी दुकान पर पान लगा रहा
था, तभी बगल के जर्जर बरजे से निकला सरिया उसके मुंह में जा धंसा। गोपाल
ने बताया कि वह खुद ही परिजनों को सूचना देकर हॉस्पिटल पहुंच गया।

