बिजली की तरह मुखिया के भी आने-जाने का शेड्यूल नहीं
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जौनपुर: अपनी कार्य प्रणाली से हमेशा चर्चाओं में रहने वाले
बिजली विभाग के अधिकारियों को शासन की मंशा का भी ख्याल नहीं है। तभी तो
निर्धारित समय पर अपने कार्यालय में पहुंचकर जनता की शिकायत भी नहीं सुनते।
जरूरतमंद न्याय के लिए दर-दर भटकता रहता है। ऐसा ही कुछ देखने को मिला
सोमवार को स्थानीय विद्युत उप खंड कार्यालय पर पहुंची 'जागरण' टीम को। जहां
कार्यालय खुलने के समय ताला लटक रहा था। जरूरतमंद साहब का इंतजार कर रहे
थे।बिजली विभाग के इस कार्यालय पर 10 बजकर 10 मिनट पर टीम पहुंची तो कार्यालय में ताला लटक रहा था। भटौली सरोखनपुर के अर्जुन शर्मा अपना बिल सुधरवाने के लिए कर्मचारियों का इंतजार कर रहा था। 10:30 बजे कार्यालय लिपिक संजय श्रीवास्तव पहुंचकर ताला खोलकर बिना साफ-सफाई के कार्य में जुट गए। इस कार्यालय में तैनात रनर मनोरमा देवी, कुली कलावती व परिचारक शिव शंकर का कहीं अता-पता नहीं रहा। एसडीओ साहब की बात ही निराली है। आवास जिला मुख्यालय पर है। बताते हैं कि प्रतिदिन 12 बजे के बाद ही आगमन होता है। एसडीओ व जेई का 11 बजे तक अता-पता नहीं चल सका। अगल-बगल के लोगों ने बताया कि इस कार्यालय के खुलने का समय यही है। अधिकारी-कर्मचारी पूरी तरह मनमाने हैं।
इस प्रकार देखा जा सकता है कि बिजली विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को किसी का भय नहीं है। जन शिकायतों का निस्तारण हो या नहीं उनसे इनका सरोकार नहीं है। जनता भले ही कार्यालय का चक्कर काटती रहे। उनके ऊपर शासन की मंशा का भी चाबुक चलने वाला नहीं है।
