साढ़े तीन साल बाद गोंड समाज का धरना समाप्त
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जौनपुर : अनुसूचित जनजाति के प्रमाण पत्र की मांग को लेकर धरने पर बैठे गोंड समाज के लोग साढ़े तीन साल तक लगातार जमे रहे। उनकी इस विकट समस्या को 'दैनिक जागरण' ने कई बार उठाया। गुरुवार को भी प्रशासन की उनके प्रति अनदेखी व उपेक्षा को लेकर गंभीरता से खबर प्रकाशित की गई। इसे संज्ञान में लेते हुए प्रशासन ने पहल तेज किया और शुक्रवार को गोंड होने संबंधी जांच कर प्रमाण पत्र जारी करने का आश्वासन देकर अनशन समाप्त कराया।
अखिल भारत वर्षीय गोंड महासभा के बैनर तले इस समाज के लोग 4 अगस्त 2010 से लगातार 1263 दिन तक कलेक्ट्रेट में धरना फिर अनशन पर जमे रहे। इस बीच कई बार प्रदर्शन किया। उच्चाधिकारियों को ज्ञापन दिया। मंत्री व शासन में बैठे जिम्मेदार लोगों तक अपनी बात पहुंचाई किंतु कोई सुनवाई नहीं हुई। भीषण ठंड, गर्मी व बरसात में अनवरत जमे रहने वाले इस समाज को कई बार बल प्रयोग कर हटाने का प्रयास भी प्रशासन ने किया। कई कार्यकर्ता तो जेल तक चले गए थे। अब प्रशासन ने इसे संज्ञान में लेकर कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
इस अवसर पर गोंड महासभा के नेता हंसराज धुर्वे, जिलाध्यक्ष जगदीश गोंड, जनार्दन गोंड, रमाकांत गोंड, रवींद्र गोंड, आशाकांत, विनोद आदि मौजूद थे।

