गुरु गोविंद के बताए रास्ते पर चलने का दिया संदेश
https://www.shirazehind.com/2014/01/blog-post_8472.html
जौनपुर : सिक्खों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह का 347वां
प्रकाशोत्सव पर्व गुरुद्वारा तपस्थान गुरु तेग बहादुर साहब रासमंडल में
धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर रागी जत्थों ने गुरुवाणी व सबद- कीर्तन
किया। इस मौके पर वक्ताओं ने गुरु गोविंद के बताए रास्ते पर चलने का संदेश
दिया।
कार्यक्रम मनाने के लिए 31 दिसंबर से चार जनवरी तक पंजाबी कालोनी से प्रतिदिन प्रभातफेरी निकाली गई जो रासमंडल गुरुद्वारा पर समाप्त होती थी। श्री गुरु ग्रंथ साहब के अखंड पाठ का समापन रविवार की सुबह हुआ। इस मौके पर गुरुद्वारा के ग्रंथी ज्ञानी जीउपाल सिंह द्वारा शबद-कीर्तन व लखीमपुर खीरी से आए रागी जत्था भाई हरजीत सिंह खालसा व दिल्ली से आए रागी जत्था भाई सुरेंद्र सिंह खालसा व उनके सहयोगियों द्वारा गुरुवाणी का सबद, कीर्तन किया गया।
गुरु सिंह सभा के संरक्षक सरदार हरभजन सिंह व सेक्रेट्री सरदार त्रिलोचन सिंह ने गुरु गोविंद सिंह की जीवनी पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में अरदास, प्रसाद वितरण व लंगर का आयोजन किया गया जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
प्रकाशोत्सव पर्व की पूर्व संध्या पर गुरुद्वारा तपस्थान गुरु तेग बहादुर साहब रासमंडल में शबद-कीर्तन व लंगर आयोजित हुआ। सरदार हरभजन सिंह, सरदार गुरदीप सिंह, सरदार खड्ग सिंह, सरदार त्रिलोचन सिंह, सरदार कुलवंत सिंह छावड़ा, सरदार तेजा सिंह, जगजीत सिंह जग्गा आदि ने अहम योगदान दिया। गुरुद्वारा के ग्रंथी ज्ञानी जीउपाल सिंह की देखरेख में समस्त कार्यक्रम संपन्न हुआ।
कार्यक्रम मनाने के लिए 31 दिसंबर से चार जनवरी तक पंजाबी कालोनी से प्रतिदिन प्रभातफेरी निकाली गई जो रासमंडल गुरुद्वारा पर समाप्त होती थी। श्री गुरु ग्रंथ साहब के अखंड पाठ का समापन रविवार की सुबह हुआ। इस मौके पर गुरुद्वारा के ग्रंथी ज्ञानी जीउपाल सिंह द्वारा शबद-कीर्तन व लखीमपुर खीरी से आए रागी जत्था भाई हरजीत सिंह खालसा व दिल्ली से आए रागी जत्था भाई सुरेंद्र सिंह खालसा व उनके सहयोगियों द्वारा गुरुवाणी का सबद, कीर्तन किया गया।
गुरु सिंह सभा के संरक्षक सरदार हरभजन सिंह व सेक्रेट्री सरदार त्रिलोचन सिंह ने गुरु गोविंद सिंह की जीवनी पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में अरदास, प्रसाद वितरण व लंगर का आयोजन किया गया जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
प्रकाशोत्सव पर्व की पूर्व संध्या पर गुरुद्वारा तपस्थान गुरु तेग बहादुर साहब रासमंडल में शबद-कीर्तन व लंगर आयोजित हुआ। सरदार हरभजन सिंह, सरदार गुरदीप सिंह, सरदार खड्ग सिंह, सरदार त्रिलोचन सिंह, सरदार कुलवंत सिंह छावड़ा, सरदार तेजा सिंह, जगजीत सिंह जग्गा आदि ने अहम योगदान दिया। गुरुद्वारा के ग्रंथी ज्ञानी जीउपाल सिंह की देखरेख में समस्त कार्यक्रम संपन्न हुआ।

