सभी रोगों का उपचार आसानी से करने वाली पद्धति की जरूरतः महाधिवक्ता
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जौनपुर। आज एक ऐसे चिकित्सकीय पद्धति की जरूरत है जिसमें सभी रोगों का इलाज सस्ते व आसानी से हो सके। इलेक्ट्रोपैथिक चिकित्सकों का उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जब तक पंजीकरण नहीं किया जा रहा है तब तक स्वास्थ्य विभाग के नियम व कानून के दायरे में रहकर वे रोगियों की सेवा करें। उक्त बातें वीसी मिश्रा महाधिवक्ता उत्तर प्रदेश शासन ने नगर के हिन्दी भवन में आयोजित प्रदेशस्तरीय सम्मेलन एवं स्वागत समारोह को सम्बोधित करते हुये कही। वे यहां इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सकों की मजबूती के संदर्भ में आयोजित प्रदेशस्तरीय महासम्मेलन के मुख्य अतिथि थे जिनका सर्वप्रथम कार्यक्रम संयोजक डा. आरपी यादव द्वारा माल्यार्पण के बाद स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया। इसके पहले मुख्य अतिथि श्री मिश्रा व विशिष्ट अतिथि डा. आरपी बिन्द एमएस ने डा. काउण्ट सीजर मैटी की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। तत्पश्चात् छात्र/छात्राओं द्वारा स्वागत एवं सरस्वती गीत प्रस्तुत किया। समारोह की अध्यक्षता करते हुये डा. एनके अवस्थी प्रमुख सचिव एनईएचएम आफ इण्डिया नयी दिल्ली ने कहा कि जो 5 मई 2010 को इलेक्ट्रोपैथी के पक्ष में पालिसी डिसीजन हुआ, यह मात्र एनईएचएम आफ इण्डिया पर ही लागू होता है और अब अगला प्रयास शीघ्र ही है। अन्त में प्रदेश से आये विभिन्न कालेजों के प्राचार्यों सहित उन्नाव से डा. करूण शंकर मिश्रा, कानपुर से डा. संतोष सिंह चैहान, ओबरा से डा. विश्वनाथ के अलावा अन्य चिकित्सकों को सम्मानित गया। समारोह का संचालन डा. ब्रह्मजीत सिंह ने किया। इस अवसर पर डा. विजय यादव, डा. लालमणि विश्वकर्मा, डा. समर बहादुर यादव, डा. संजीव सिंह, डा. ब्रह्मेश शुक्ला, डा. रमाशंकर यादव, डा. अनिल शर्मा, छात्र प्रभुनाथ यादव, सुभेन्द्र सविता, पूजा प्रजापति, सुप्रिया, वंदना सिंह सहित डा. मो. अयूब, डा. संतोष गिरि, डा. वीडी मिश्रा, डा. राजमणि, डा. सुभाष चैरसिया, डा. समर बहादुर, डा. गिरीश चन्द्र, डा. आदित्य मौर्या, समाजसेवी जय प्रकाश यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
