
जौनपुर। पूर्ण बहुमत न होते हुये भी जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुये बिना समर्थन मांगे कांग्रेस द्वारा दिये गये समर्थन से आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली में सरकार बनायी थी। शुरू से ही दोनों पार्टियों ने एक व्यूह की रचना की थी कि केजरीवाल को सिर्फ दिल्ली तक उनकी 18 बिन्दुओं पर समर्थन देकर समिति रखा जाय, क्योंकि दोनों पार्टियां घबराई हुई थीं कि कहीं आगामी लोकसभा चुनाव में आप उनको नुकसान न पहुंचा दे। उक्त बातें आम आदमी पार्टी की सदस्य रजन्ती पंडित ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही। उन्होंने कहा कि चूंकि आप पार्टी भ्रष्टाचार को समाप्त कराने के लिये ही बनी थी और जब जनलोकपाल बिल ही सदन से पास नहीं हो सका तो सिवाय त्याग पत्र देने का विकल्प भी नहीं बचा था, इसलिये आप कार्यकर्ताओं में पहले से ज्यादा उत्साह भी बढ़ गया। उन्होंने कहा कि आशा है कि आप पार्टी विस चुनाव की तुलना में लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करेगी व भ्रष्टाचारियों को मुंहतोड़ जवाब देगी, क्योंकि आज आम आदमी व्यवस्था में परिवर्तन चाहता है।