बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए बाप ने बेचा कपडा



 आजमगढ़. अंडर-19 विश्वकप में भारतीय टीम भले ही बाहर हो गई हो, लेकिन चार मैचों में तीन बार नाट आउट रहकर बासूपार जीएनपुर गांव के सरफराज खान ने कुल 205 रन बनाए। बेहतरीन क्रिकेट का प्रदर्शन करने वाले सरफराज खान को आज भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में पहचान मिल चुकी है। इस बेहतरीन खिलाड़ी की मेहनत और लगन के पीछे इनके पिता नौशाद खान की संघर्ष की एक कहानी छिपी है। बातचीत में सरफराज खान के पिता नौशाद ने बताया कि 2001 से 2008 तक का सफ़र काफी कठिन रहा है। बेटे के क्रिकेट के जुनून को देखते हुए नौशाद ने बताया कि दिल्ली, मेरठ से लाकर किट, लोवर, ट्रैक शूट तक बेचना पड़ा था। उन्होंने बताया कि मुंबई जैसे शहर में महंगे खेल क्रिकेट में भविष्य संवार पाना बहुत कठिन था। सरफराज खान का नाम तब सुर्खियों में आया था जब उन्होंने अंडर-16 में क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंडुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा था।
अंडर-19 वर्ल्ड कप में सरफराज ने पाकिस्तान के खिलाफ 74 रनों की दमदार पारी खेली थी। इस मैच में उन्होंने चार कैच और एक रन आउट भी किया था। स्कॉटलैंड के खिलाफ 45 रन नाबाद बनाकर सरफराज ने लोगों का दिल जीत लिया था। पिंगुआ के खिलाफ 34 रन बनाए थे। आखिरी मैच में भी विपरीत परिस्तिथियों में सातवे नंबर पर आकर सरफराज ने 46 गेंदों पर 52 रन ठोके थे। अंडर-19 में भारत के लिए खेलते हुए सरफराज खान ने पिछली पांच पारियों में नाबाद 52, नाबाद 34, नाबाद 45, नाबाद 53 और 74 रन बनाए हैं। इस दौरान वह दो विकेट लेने में भी सफल रहे।

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