अब अपराधियों की निगाह पेट्रोल पंपों पर
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जौनपुर : अभी तक भूमि विवाद को लेकर जिले में ताबड़तोड़ अपराध हो रहे थे। 6 लोगों की हत्या ने पुलिस को काफी चुनौती दी। अब अपराध की प्रवृत्ति बदल गई है। यूं कह लीजिए कि स्थानीय विवादों में हो रही हत्याओं के बजाए कठोर अपराध होने लगे हैं। ऐसी घटनाओं को शातिर अपराधी अंजाम दे रहे हैं। इन्हें रोकने में विफल साबित हो रही पुलिस को एक पर एक चुनौती मिलती जा रही है। ये घटनाएं पुलिस की कथित सक्रियता पर सवाल उठा रही है। तीन माह में पंपों पर छोटी मोटी लूट की घटनाएं हुई। असुरक्षित पंप संचालकों में आक्रोश पनपा तो पुलिस ने कार्रवाई की कवायद की किंतु सफलता हाथ नहीं लग सकी। परिणाम यह रहा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हुए और घटनाएं बढ़ती गई। आधा दर्जन लूट की घटनाओं का खुलासा न कर पाने का ही तकाजा है कि सिगरामऊ में अंधाधुंध गोली मारकर दो कर्मियों की हत्या कर दी गई और एक घायल हो गया। इसके दो दिन बाद ही सूरापुर में पेट्रोल पंप मैनेजर के भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह सिलसिला अनवरत जारी रहा और 9 अप्रैल की रात चंदवक के ककरापार में सेल्समैन की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस तरह की सनसनीखेज घटनाओं के चलते जहां जनमानस में आक्रोश बढ़ गया है वहीं पेट्रोल पंप संचालक व कर्मी अब काफी भयजदा हैं।

