एक पुलिस चैकी ऐसा भी जहां लटका नजर आया ताला
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जौनपुर। कहा जाता है कि न्याय करने वालों का दरवाजा हमेशा खुला रहता है, क्योंकि न जाने कब कौन सा पीडि़त अपनी पीड़ा लेकर न्याय पाने की गरज से चला आये। वैसे तो न्याय का दरवाजा न्यायालय, जिलाधिकारी एवं आरक्षी अधीक्षक का दरबार है लेकिन उसके लिये समय सीमा निर्धारित है लेकिन तत्काल फरियाद सुनने का दरवाजा पुलिस चैकी व थाना कोतवाली है जिसके लिये शायद सख्त आदेश/निर्देश है कि उसका दरवाजा 24 घण्टे खुला रहना चाहिये लेकिन कभी-कभी ऐसे आदेश की खुलेआम धज्जी उनके ही मातहत उड़ाते नजर आते हैं। ऐसा ही एक वाक्या शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के राज कालेज पुलिस चैकी पर देखने को मिला जहां प्रभारी या एकाध सिपाही की बात छोड़ दीजिये, पुलिस चैकी पर ताला तलका था जिसको लेकर इस समय चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोगों द्वारा बस यही कहा जा रहा है कि यदि ऐसे दरवाजों पर ताला लटक जायेंगे तो पीडि़त कहां जायेंगे। क्षेत्रीय लोगों की मानें तो उक्त पुलिस चैकी पर ताला लटका नजर आया जहां प्रभारी की बात छोडि़ये, एकाध सिपाही नजर नहीं आये। ऐसे में लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।

