पाताल की ओर जलस्तर, पेयजल किल्लत
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जौनपुर : जिले में जल संरक्षण के प्रति लोग सजग नहीं है। इसके चलते जलस्तर लगातार पाताल की ओर जा रहा है। वही शासन स्तर से किए जा रहे पहल को संबंधित विभाग के जिम्मेदार अमलीजामा पहनाना उचित नहीं समझ रहे है जिसके चलते दिक्कत बढ़ गई है।
आंकड़े के मुताबिक पिछले दस वर्षो में 15 फीट से ज्यादा जलस्तर नीचे जा चुका है। 44 लाख 94 हजार 204 आबादी वाले इस जनपद में दस वर्ष पहले पानी की किल्लत नहीं होती थी। जिले में औसतन 30 से 40 फीट के बीच में जलस्तर था जिसका मुख्य कारण जल संरक्षण के पर्याप्त प्रबंध किए गए थे, किंतु धीरे-धीरे जल संरक्षण के प्रबंध समाप्त होते जा रहे है। नतीजन दस वर्ष में 15 फीट से ज्यादा वाटर लेबल नीचे चला गया है। इससे लोगों को दिक्कत होने लगी।
आंकड़ों के मुताबिक मौजूदा समय में दस हजार से ज्यादा तालाब, 17 सौ कुआं ही बचे हैं जिनके सहारे जल संरक्षण किया जा रहा है। वहीं शासन स्तर से किए जा रहे प्रयास के बाद भी कोई सार्थक लाभ नहीं मिल रहा है।

