लावारिस पागल लाओ और 500 रुपए का इनाम पाओ
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आम जिंदगी व्यतीत करने के बाद अचानक दुर्घटना हो गई
और मांनसिक संतुलन खो गया। इसके बाद अपने भी मुंह मोड़ लेते हैं और छोड़
देते हैं सड़कों पर भटकने के लिए। ऐसे में एक समाज सेवी ने उनकी सेवा करने
का बीड़ा उठाया है। इन दिनों काशी में सड़क किनारे एक कैंप लगा हुआ है। उसके
बोर्ड पर लिखा हुआ है, 'लावारिस पागल लाओ और 500 रुपए का इनाम पाओ।'
यह कैंप समाजसेवक मनोज गुप्ता ने लगवाया है। इसमें उन्होंने ऐसे
लोगों की सेवा करने का बीड़ा उठाया है, जिन्हें उनके घरवालों ने पागल करार
देकर घर से निकाल दिया। इसमें ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो लावारिस की तरह
सड़कों पर जीवन-यापन करते हैं। लोग ने इस नेक काम के लिए उनकी सराहना कर
रहे हैं।
समाजसेवी मनोज गुप्ता के मुताबिक, इंसान जिस पर निगाह रखता है, उसे
वही दिखाई देता है। गौर करेंगे तो लावारिस पागलों की जनसंख्या हर गांव,
शहर, गली, चौराहा और वाराणसी के स्टेशनों पर देखने को मिल जाएगी। ऐसे
इंसानों ने भी कभी अच्छा जीवन व्यतीत किया था, लेकिन किसी दुर्घटना के बाद
वे अपना मानसिक संतुलन खो बैठे। इसके बाद इनके अपने ही इनसे दूर हो गए।
घरवालों ने इलाज कराने के बजाय इन्हें सड़कों पर भटकने के लिए छोड़ दिया।
ऐसे में वाराणसी के रहने वाले एक युवा समाजसेवी ने ऐसे लावारिस पागलों
को सरकारी मानसिक अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज कराने का बीड़ा उठाया। वे
उन्हें ठीक कराकर फिर से नए जीवन की शुरुआत करने में उनकी मदद कर रहे हैं।
मनोज गुप्ता ने बताया कि 25 जून को एक शिविर लगाया जाएगा, जिस दिन इसमें
लोगों के द्वारा विक्षिप्त को लाने वाले का नाम-पता नोट कर लिया जाएगा।
तस्वीर और डिटेल संस्था के पास रहेगी। इलाज के लिए इन्हें मानसिक
चिकित्सालय में भर्ती कराया जाएगा।

