यूपी में सपा की 85 जिला और महानगर इकाइयां भंग
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लखनऊ। लोकसभा चुनाव में हार का ठीकरा समाजवादी पार्टी के जिला व महानगर अध्यक्षों और उनकी इकाइयों के सिर फूटा है। प्रदेश स्तर पर सभी इकाइयों को भंग करने के बाद सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी के 85 जिला और महानगर इकाइयों, उनके अध्यक्षों और ं14 प्रकोष्ठ को भंग कर दिया है। मैनपुरी, कन्नौज, बदायूं, फीरोजाबाद और आजमगढ़ के अलावा रामपुर, अमेठी और रायबरेली के संगठन को बहाल रखा गया है। इस फैसले में भी वरिष्ठ मंत्री मोहम्मद आजम खां का इकबाल बुलंद रखा गया है।
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ी कार्रवाई की है। अमेठी व रायबरेली में पार्टी चुनाव नहीं लड़ी थी, इसलिए वहां के संगठन को छोड़ा गया है। कन्नौज, मैनपुरी, बदायूं, आजमगढ़ और फीरोजाबाद में पार्टी ने जीत हासिल की थी, इसलिए इन जिलों में सपा इकाई परीक्षा में पास मानी गयी है।
रामपुर में पार्टी उम्मीदवार की शिकस्त के बावजूद यहां की जिला इकाई बहाल रखी गयी है। इसकी वजह कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां हैं। रामपुर उनका गृह जिला है और अध्यक्ष उनके पसंदीदा। रामपुर में कार्रवाई न करके संकेत दिया गया है कि पार्टी में आजम खां की विशेष अहमियत है। वैसे एक तर्क यह भी है कि रामपुर में सपा उम्मीदवार नसीर अहमद चुनाव भले हार गए, लेकिन उन्होंने भाजपा के डॉ. नेपाल सिंह को कड़ी टक्कर दी और अंतर महज 23435 मत ही रहा। दूसरा तर्क यह भी है कि संभल में सपा के ही शफीकुर्रहमान बर्क तो भाजपा के सत्यपाल सिंह से महज 5174 मत से ही हारे। फिर भी संभल की जिला इकाई भंग कर दी गयी है। इस हिसाब से रामपुर के संगठन की बहाली को आजम के इकबाल से ही जोड़ा जा रहा है। सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी के मुताबिक समाजवादी पार्टी की 85 जिला/महानगर इकाईयों की कार्यकारिणी व उनके अध्यक्षों तथा 14 प्रकोष्ठों के जिला/महानगर अध्यक्ष व उनकी कार्यकारिणी सहित तत्काल प्रभाव से भंग कर दी गयी हैं।
प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यह कदम उठाकर संकेत दे दिया है कि अब सब कुछ नए सिरे से गठित होगा और जिनकी रिपोर्ट अच्छी है, उन्हें ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
