पताके के साथ लगा जयकारा, भक्तों ने की सरोवर की परिक्रमा
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जौनपुर: ऐतिहासिक सिद्ध राउर बाबा के मेले में रविवार को दर्शनार्थियों की भारी भीड़ रही। हजारों श्रद्धालुओं ने समीप स्थित सरोवर में स्नान कर मंदिर में मत्था टेक मिन्नते मांगी। उधर पूरे मंदिर परिसर से लेकर मेला क्षेत्र में जगह-जगह बैठे ओझा व सोखा अपना तंत्र-मंत्र के जरिए भूत-प्रेत से मुक्ति दिलाने का दावा करते देखे गए।
जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नौपेड़वा बाजार से उत्तर बक्शा थाना क्षेत्र के मई गांव में स्थित राउर बाबा का सिद्ध स्थल है। ऐतिहासिक राउर बाबा के इस मेले में देश एवं प्रदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने मत्था टेककर पूजन अर्चन किया। श्रद्धालुओं ने मेले में बड़े-बड़े पताके लेकर अन्न-जौ के साथ जयकारे लगाते हुए सरोवर की परिक्रमा कर समाधि स्थल का दर्शन किया।
श्रद्धालुओं की धारणा है कि सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद बाबा अवश्य पूरी करते हैं। हालांकि इस मेले में सबसे ज्यादा लोग भूत-प्रेत से मुक्ति पाने हेतु आते हैं। भूत-प्रेत को मानने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा की समाधि स्थल पर आते ही सभी कष्ट कथित रूप से जहां दूर हो जाते हैं वहीं भूत पिशाच जलकर भस्म हो जाते हैं। मेले के अंदर परिसर से लेकर सरोवर तक ओझा-सोखा का जमावड़ा लगा रहा। बाबा की समाधि पर लगने वाला यह मेला पूरे एक सप्ताह तक चलता है।
एतिहासिक राउर बाबा समाधि के ऊपर पार्वती सरस्वती की प्रतिमा है। बाबा की समाधि के पीछे पत्नी भुनगा सती की समाधि स्थल है। वहीं से सटे हनुमान मूर्ति स्थापित है। बाबा की समाधि के बगल में पुत्र कृपालदास व हरिश्चंद्र की समाधि बनी हुई है। इन्हीं के वंशजों में प्रति वर्ष एक-एक प्रधान पुजारी नियुक्त किया जाता है। जनश्रुति है कि प्रभु राम द्वारा सभी तीर्थ स्थलों से लाए गए जल को सरोवर में डाला गया है। इसलिए इसे राम गंगा भी कहते हैं।

