रहमतुल्ला अलैह का मनाया गया सालाना उर्स
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जौनपुर। शहर के मोहल्ला प्रेमराजपुर मे हजरत मुजाहिद रहमतुल्ला अलैह का सालाना उर्स पूरी अकीदत व एहतेराम के साथ मनाया गया.। इस मौके पर अकीदत मंदो की भारी भीड मौजूद रही लोगो ने जहां मिन्नते मांगी वही पूरी रात लोगो ने दुआ ख्वानी की! उर्स मुबारक के मौके पर सारी रात कव्वाली का भी एहतेमाम हुआ जिसमे कव्वालो ने सारी रात समां बांधे रखा! इस मौके पर इराक मे हो रहे कत्लेआम को रोकने के लिए भी दुआ की गई!
सर्वप्रथम मजार शरीफ का गुस्ल बाद नमाज फज्र किया गया जिसके बाद मिलाद शरीफ का एहतेमाम हुआ ! इस मौके पर मदरसा हनफिया के मौलाना अषरफुल हक ने लोगो को खेताब करते हुए कहा कि शहर जौनपुर की गंगा जमुनी तहजीब को कायम रखने मेे इन्ही बुजुर्गाने दीन का सबसे बडा हाथ है उन्होने कहा कि यही वजह है कि यहां बडी संख्या मे हिन्दु मुस्लिम एकत्रित हुए है! उन्होने कहा कि मजहब कभी भी आपस मे बैर रखने की नही बल्कि आपस मे मिलकर रहने की सलाह देता है! उन्होने कहा कि इराक मे हो रहे कत्लेआम की वजह लोगो मे फैली भ्रान्तिया है और यही वजह है कि लोग एक दूसरे के खून के प्यासे है उन्होने इराक मे हो रहे कत्लेआम को रोकने और अमन व शांति के लिए दुआ की! बाद तकरीर उर्स का सिलसिला शुरु हुआ जो सारी रात चलता रहा जिसमे कव्वालो ने सारी रात समां बांधे रखा इस दौरान लोगो ने मिन्नते मांगी और दुआख्वानी की! इस मौके पर मुस्ताक अहमद, मो इब्राहिम, मकबूल अहमद, शोहराब अंसारी, मुन्ना , साहबलाल विष्वकर्मा, चन्द्रबली, ताजुददीन, इम्तेयाज अहमद, मोहम्मद सुएब आदि लोग मौजूद रहे!
सर्वप्रथम मजार शरीफ का गुस्ल बाद नमाज फज्र किया गया जिसके बाद मिलाद शरीफ का एहतेमाम हुआ ! इस मौके पर मदरसा हनफिया के मौलाना अषरफुल हक ने लोगो को खेताब करते हुए कहा कि शहर जौनपुर की गंगा जमुनी तहजीब को कायम रखने मेे इन्ही बुजुर्गाने दीन का सबसे बडा हाथ है उन्होने कहा कि यही वजह है कि यहां बडी संख्या मे हिन्दु मुस्लिम एकत्रित हुए है! उन्होने कहा कि मजहब कभी भी आपस मे बैर रखने की नही बल्कि आपस मे मिलकर रहने की सलाह देता है! उन्होने कहा कि इराक मे हो रहे कत्लेआम की वजह लोगो मे फैली भ्रान्तिया है और यही वजह है कि लोग एक दूसरे के खून के प्यासे है उन्होने इराक मे हो रहे कत्लेआम को रोकने और अमन व शांति के लिए दुआ की! बाद तकरीर उर्स का सिलसिला शुरु हुआ जो सारी रात चलता रहा जिसमे कव्वालो ने सारी रात समां बांधे रखा इस दौरान लोगो ने मिन्नते मांगी और दुआख्वानी की! इस मौके पर मुस्ताक अहमद, मो इब्राहिम, मकबूल अहमद, शोहराब अंसारी, मुन्ना , साहबलाल विष्वकर्मा, चन्द्रबली, ताजुददीन, इम्तेयाज अहमद, मोहम्मद सुएब आदि लोग मौजूद रहे!

