कुलसचिव के हटाए जाने पर असमंजस
https://www.shirazehind.com/2014/06/blog-post_3663.html
जौनपुर : पूर्वाचल विश्वविद्यालय के कुलसचिव वीके सिन्हा
के हटाए जाने की खबर पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विश्वविद्यालय
प्रशासन को अभी तक कोई पत्र न मिलने के कारण इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हो
पा रही है। पहले ही प्रशासनिक अधिकारियों के आधा दर्जन पद खाली होने के बाद
रजिस्ट्रार के स्थानांतरण से विश्वविद्यालय को बड़ा झटका लगा। इससे व्यापक
स्तर पर काम-काज प्रभावित हो रहा है।
विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिवों के पद के सापेक्ष मात्र एक सहायक कुलसचिव डा. वीएन त्रिपाठी है। उप कुलसचिव के तीन पदों के सापेक्ष डा. प्रभाष द्विवेदी, डा. देवराज है। विश्वविद्यालय का परीक्षा नियंत्रक जैसा महत्वपूर्ण पद भी आठ माह से खाली पड़ा है। जिसका अतिरिक्त प्रभार डा. देवराज के पास है।
विश्वविद्यालय के पांच सहायक कुलसचिवों में डा. रामसेवक राम ने अवकाश ग्रहण कर लिया। चार सहायक कुलसचिव संजीव सिंह, अमरेंद्र सिंह, एसएन पांडेय, एनएन पाल को गत वर्ष शासन ने प्रोन्नति देकर विभिन्न विश्वविद्यालय में उप कुलसचिव बना दिया है। विश्वविद्यालय में लगभग एक वर्ष से बीएड, पीएचडी शोध, परीक्षा गोपनीय विभाग के कई महत्वपूर्ण कार्य बाधित हो रहे है।
जिस कारण संबंधित कालेजों, शोधकर्ताओं व परीक्षा परिणामों पर गंभीर असर दिखाई दे रहा है। कुलसचिव डा. वीके सिन्हा के शासन द्वारा गत दिनों हटाए जाने पर असमंजस की स्थिति कायम है। वैसे तो कुलसचिव तीन दिनों से कार्यालय में नहीं बैठ रहे है। इस संबंध में कुलपति कार्यालय कुछ भी बताने से इंकार कर रहा है। डा. वीके सिन्हा ने बताया कि विश्वविद्यालय से कार्यमुक्त करने का शासन से मुझे कोई आदेश, निर्देश नहीं मिला है।
विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिवों के पद के सापेक्ष मात्र एक सहायक कुलसचिव डा. वीएन त्रिपाठी है। उप कुलसचिव के तीन पदों के सापेक्ष डा. प्रभाष द्विवेदी, डा. देवराज है। विश्वविद्यालय का परीक्षा नियंत्रक जैसा महत्वपूर्ण पद भी आठ माह से खाली पड़ा है। जिसका अतिरिक्त प्रभार डा. देवराज के पास है।
विश्वविद्यालय के पांच सहायक कुलसचिवों में डा. रामसेवक राम ने अवकाश ग्रहण कर लिया। चार सहायक कुलसचिव संजीव सिंह, अमरेंद्र सिंह, एसएन पांडेय, एनएन पाल को गत वर्ष शासन ने प्रोन्नति देकर विभिन्न विश्वविद्यालय में उप कुलसचिव बना दिया है। विश्वविद्यालय में लगभग एक वर्ष से बीएड, पीएचडी शोध, परीक्षा गोपनीय विभाग के कई महत्वपूर्ण कार्य बाधित हो रहे है।
जिस कारण संबंधित कालेजों, शोधकर्ताओं व परीक्षा परिणामों पर गंभीर असर दिखाई दे रहा है। कुलसचिव डा. वीके सिन्हा के शासन द्वारा गत दिनों हटाए जाने पर असमंजस की स्थिति कायम है। वैसे तो कुलसचिव तीन दिनों से कार्यालय में नहीं बैठ रहे है। इस संबंध में कुलपति कार्यालय कुछ भी बताने से इंकार कर रहा है। डा. वीके सिन्हा ने बताया कि विश्वविद्यालय से कार्यमुक्त करने का शासन से मुझे कोई आदेश, निर्देश नहीं मिला है।

