पीएचडी इंट्रेंस का मामला राजभवन के हवाले
https://www.shirazehind.com/2014/06/blog-post_5026.html
जौनपुर: वीर बहादुर सिंह पूर्वाचल विश्वविद्यालय में
मंगलवार को विद्या परिषद की आपातकालीन बैठक हुई। इसमें सदस्यों के भारी
नोक-झोंक व विरोध के बीच पीएचडी, एमफिल के लिए न्यूनतम मानक प्रक्रिया
विनियम 2009 को पास किया गया। वहीं पीएचडी इंट्रेंस का मामला राजभवन के
हवाले कर दिया गया।
कुलपति प्रो.पीयूष रंजन अग्रवाल की अध्यक्षता में करीब 12 बजे बैठक की शुरुआत हुई। पूर्व कुलपति प्रो.डीडी दूबे, प्रो.फूलचंद्र सिंह, डा.अंबिकेश्वर सिंह समेत आधा दर्जन सदस्यों ने राजभवन के प्रस्ताव का खुलकर विरोध किया। उन्होंने पीएचडी प्रवेश परीक्षा शासन स्तर पर न कराके विश्वविद्यालय स्तर पर कराने का प्रस्ताव रखा। जिसे अन्य सदस्यों ने अस्वीकार करते हुए राजभवन के प्रस्ताव पर मोहर लगा दी। इस फैसले के बाद अब पीएचडी, एमफिल की प्रवेश परीक्षा शासन स्तर पर कराने का रास्ता साफ हो गया है।
पूर्वाचल विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूर्व में पीएचडी में स्वयं परीक्षा कराने का निर्णय लिया था। जिस पर राजभवन ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए संशोधन करने के लिए पुन: 16 मई 2014 को प्रस्ताव लौटा दिया था।
इस मौके पर पूर्व कुलपति प्रो.केपी सिंह, कुलसचिव डा.वीके सिन्हा, डीएफओ अमर चंद्र, उप कुलसचिव प्रभाष द्विवेदी, डा.राममोहन सिंह, डा.संदीप सिंह, प्राचार्य अनिल कुमार सिंह, प्रो.रामजीलाल, डा.शिवशंकर सिंह, डा.ओमप्रकाश सिंह आदि मौजूद रहे।
कुलपति प्रो.पीयूष रंजन अग्रवाल की अध्यक्षता में करीब 12 बजे बैठक की शुरुआत हुई। पूर्व कुलपति प्रो.डीडी दूबे, प्रो.फूलचंद्र सिंह, डा.अंबिकेश्वर सिंह समेत आधा दर्जन सदस्यों ने राजभवन के प्रस्ताव का खुलकर विरोध किया। उन्होंने पीएचडी प्रवेश परीक्षा शासन स्तर पर न कराके विश्वविद्यालय स्तर पर कराने का प्रस्ताव रखा। जिसे अन्य सदस्यों ने अस्वीकार करते हुए राजभवन के प्रस्ताव पर मोहर लगा दी। इस फैसले के बाद अब पीएचडी, एमफिल की प्रवेश परीक्षा शासन स्तर पर कराने का रास्ता साफ हो गया है।
पूर्वाचल विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूर्व में पीएचडी में स्वयं परीक्षा कराने का निर्णय लिया था। जिस पर राजभवन ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए संशोधन करने के लिए पुन: 16 मई 2014 को प्रस्ताव लौटा दिया था।
इस मौके पर पूर्व कुलपति प्रो.केपी सिंह, कुलसचिव डा.वीके सिन्हा, डीएफओ अमर चंद्र, उप कुलसचिव प्रभाष द्विवेदी, डा.राममोहन सिंह, डा.संदीप सिंह, प्राचार्य अनिल कुमार सिंह, प्रो.रामजीलाल, डा.शिवशंकर सिंह, डा.ओमप्रकाश सिंह आदि मौजूद रहे।

