मरीजों को बैठने तक की जगह नही है जौनपुर अस्पताल में
https://www.shirazehind.com/2014/06/blog-post_6661.html
सरकारी
अस्पतालो में मुफ्त इलाज की आस लिए आने वाले लोगों को यहां आने पर
परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग यहां आ तो जाते हैं लेकिन उन्हें
बैठने की जगह के लिए जद्दोजेहद करनी पड़ती है। अपनी बारी का इंतजार
ज्यादातर लोगों को जमीन पर बैठकर ही करना पड़ता है।
बेहतर चिकित्सा व्यवस्था के सरकार चाहे लाख दावे कर ले, लेकिन जो हाल जौनपुर में है वह इन दावों को सही आइना दिखाने के लिए काफी है। मुफ्त इलाज के लिए दूर गांवों से आने वालों को यहां इलाज तो मिल जाता है लेकिन उसके लिए कितनी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है इसका कोई हिसाब नहीं है। जिला अस्पताल में रोजाना सैकड़ों लोग आते हैं, सबका यहां नंबर लगता है। और अपनी बारी का इंतजार करने के लिए लोगों को घंटों जमीन पर बैठकर गुजारना पड़ता है।
जिला अस्पताल के ओपीडी में चिकित्सकों की तो भरमार सरकार ने कर दी है। इन चिकित्सकों से इलाज कराने के लिए जो रेला चल रहा है इससे अस्पताल प्रशासन भी सुविधा दे पाने में खुद को असहाय महसूस कर रहा है। आला अधिकारी भी उन्हीं सुविधाओं को मरीजों तक पहुंचा पा रहे है जो शासन ने उन्हें दे रखी है। हां इतना जरूर है कि अब ओपीडी को बड़ा करने की मांग शासन से की जाने की बात सामने आ रही है
आबादी और क्षेत्रफल के हिसाब से राज्य के बड़े जिलों में शुमार इस जिले की चिकित्सा व्यवस्था हाइटेक करने की कवायद भी कई बार हुई। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस जिले को भी मेडिकल काॅलेज की सौगात देने वाले हैं, लेकिन फिलहाल जो व्यवस्था है उसी को दुरूस्त करने की जरूरत है।
बेहतर चिकित्सा व्यवस्था के सरकार चाहे लाख दावे कर ले, लेकिन जो हाल जौनपुर में है वह इन दावों को सही आइना दिखाने के लिए काफी है। मुफ्त इलाज के लिए दूर गांवों से आने वालों को यहां इलाज तो मिल जाता है लेकिन उसके लिए कितनी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है इसका कोई हिसाब नहीं है। जिला अस्पताल में रोजाना सैकड़ों लोग आते हैं, सबका यहां नंबर लगता है। और अपनी बारी का इंतजार करने के लिए लोगों को घंटों जमीन पर बैठकर गुजारना पड़ता है।
जिला अस्पताल के ओपीडी में चिकित्सकों की तो भरमार सरकार ने कर दी है। इन चिकित्सकों से इलाज कराने के लिए जो रेला चल रहा है इससे अस्पताल प्रशासन भी सुविधा दे पाने में खुद को असहाय महसूस कर रहा है। आला अधिकारी भी उन्हीं सुविधाओं को मरीजों तक पहुंचा पा रहे है जो शासन ने उन्हें दे रखी है। हां इतना जरूर है कि अब ओपीडी को बड़ा करने की मांग शासन से की जाने की बात सामने आ रही है
आबादी और क्षेत्रफल के हिसाब से राज्य के बड़े जिलों में शुमार इस जिले की चिकित्सा व्यवस्था हाइटेक करने की कवायद भी कई बार हुई। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस जिले को भी मेडिकल काॅलेज की सौगात देने वाले हैं, लेकिन फिलहाल जो व्यवस्था है उसी को दुरूस्त करने की जरूरत है।

