एक पम्प ऐसा जहां पेट्रोल की जगह दिया जाता है डीजल
https://www.shirazehind.com/2014/06/blog-post_9656.html
मशीन की फाल्ट बताकर पल्लू झाड़ रहा है पम्प आपरेटर
जौनपुर। भ्रष्टाचार के आकण्ठ में डूबे सरकारी कार्यालयों के अधिकारियों की नाक के नीचे कर्मचारियों द्वारा रिश्वत एवं कमीशनखोरी का धंधा रूकने का नाम नहीं ले रहा है। यही कारण है कि उसके बाद की कड़ी भी अपने आपको कम नहीं मानती है। सरकारी कार्यालयों में कमीशनखोरी देने वाले लोग खुलेआम चोरी, मिलावटखोरी, अवैध कमाई आदि करते हैं। इसका जीता-जागता उदाहरण पालिटेक्निक चैराहे के ठीक बगल (वाराणसी मार्ग) स्थित पेट्रोल पम्प पर उस समय देखने को मिला जब वहां पेट्रोल लेने गये एक युवक को पेट्रोल की जगह डीजल दिया जाने लगा। इतना ही नहीं, विरोध करने पर पम्पकर्मी ने कहा कि यह मशीन की फाल्ट है। ऐसे में यह तो हास्यास्पद बात है, क्योंकि मशीन की फाल्ट पम्प मालिक नहीं ठीक करायेगा तो कौन करायेगा? बता दें कि रूहट्टा निवासी राहुल मौर्य उक्त पेट्रोल पम्प पर मोटरसाइकिल में पेट्रोल डलवाने पहुंचा। तेल लेते समय उसकी निगाह पड़ी तो वह अवाक रह गया, क्योंकि मशीन से पेट्रोल की जगह डीजल निकल रहा था। इसकी शिकायत करने पर पम्पकर्मी उक्त युवक से उलझ गया तथा कहा कि यह मशीन की फाल्ट है। इसमें मेरा कोई दोष नहीं है। कर्मी की इस बात को सुनकर वहां मौजूद सभी लोग अवाक रह गये। इतना ही नहीं, कहने पर उसने तेल भरे बोतल पर कागज चिपकाकर यह भी लिख दिया कि ‘यह पेट्रोल नहीं, डीजल है।’ किसी जिम्मेदार व्यक्ति से बात न होने पर पीडि़त युवक ने जिलापूर्ति अधिकारी से मिलकर लिखित रूप से शिकायत किया। अब देखना है कि सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उक्त पेट्रोल पम्प और पम्प मालिक के खिलाफ क्या कार्यवाही करते हैं?
जौनपुर। भ्रष्टाचार के आकण्ठ में डूबे सरकारी कार्यालयों के अधिकारियों की नाक के नीचे कर्मचारियों द्वारा रिश्वत एवं कमीशनखोरी का धंधा रूकने का नाम नहीं ले रहा है। यही कारण है कि उसके बाद की कड़ी भी अपने आपको कम नहीं मानती है। सरकारी कार्यालयों में कमीशनखोरी देने वाले लोग खुलेआम चोरी, मिलावटखोरी, अवैध कमाई आदि करते हैं। इसका जीता-जागता उदाहरण पालिटेक्निक चैराहे के ठीक बगल (वाराणसी मार्ग) स्थित पेट्रोल पम्प पर उस समय देखने को मिला जब वहां पेट्रोल लेने गये एक युवक को पेट्रोल की जगह डीजल दिया जाने लगा। इतना ही नहीं, विरोध करने पर पम्पकर्मी ने कहा कि यह मशीन की फाल्ट है। ऐसे में यह तो हास्यास्पद बात है, क्योंकि मशीन की फाल्ट पम्प मालिक नहीं ठीक करायेगा तो कौन करायेगा? बता दें कि रूहट्टा निवासी राहुल मौर्य उक्त पेट्रोल पम्प पर मोटरसाइकिल में पेट्रोल डलवाने पहुंचा। तेल लेते समय उसकी निगाह पड़ी तो वह अवाक रह गया, क्योंकि मशीन से पेट्रोल की जगह डीजल निकल रहा था। इसकी शिकायत करने पर पम्पकर्मी उक्त युवक से उलझ गया तथा कहा कि यह मशीन की फाल्ट है। इसमें मेरा कोई दोष नहीं है। कर्मी की इस बात को सुनकर वहां मौजूद सभी लोग अवाक रह गये। इतना ही नहीं, कहने पर उसने तेल भरे बोतल पर कागज चिपकाकर यह भी लिख दिया कि ‘यह पेट्रोल नहीं, डीजल है।’ किसी जिम्मेदार व्यक्ति से बात न होने पर पीडि़त युवक ने जिलापूर्ति अधिकारी से मिलकर लिखित रूप से शिकायत किया। अब देखना है कि सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उक्त पेट्रोल पम्प और पम्प मालिक के खिलाफ क्या कार्यवाही करते हैं?
