नदियों को जोड़ने के लिए उठाई आवाज
https://www.shirazehind.com/2014/06/blog-post_9870.html
जौनपुर : पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान
प्रस्तावित नदियों को जोड़ने की योजना को पूर्ण किए जाने की अब किसानों ने
आवाज उठाई है। जिसे लेकर बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (भानू) ने
कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया।
जिलाध्यक्ष अमरनाथ यादव ने कहा कि कृषि प्रधान देश भारत की अर्थव्यवस्था कृषि पर ही आधारित है। इसका विकास जल पर ही आधारित है। ऐसे में नदियों को जोड़ा जाना अति आवश्यक है। यदि गंगा, यमुना सहित अन्य सभी नदियों को एक में जोड़ने के साथ प्रदूषण मुक्ति कर दिया जाए तो देश का विकास होगा। अंत में प्रधानमंत्री को संबोधित 12 सूत्रीय मांग जिलाधिकारी को सौंपा। मांग किया कि गंगा-यमुना को प्रदूषण मुक्त और एक में मिला दिया जाए, गन्ना किसानों का बकाया नौ हजार करोड़ रुपये का भुगतान सूद सहित किया जाए, कृषि को उद्योग का दर्जा दिए जाने सहित अन्य जन समस्याओं का शीघ्र निस्तारण किया जाय।
जिलाध्यक्ष अमरनाथ यादव ने कहा कि कृषि प्रधान देश भारत की अर्थव्यवस्था कृषि पर ही आधारित है। इसका विकास जल पर ही आधारित है। ऐसे में नदियों को जोड़ा जाना अति आवश्यक है। यदि गंगा, यमुना सहित अन्य सभी नदियों को एक में जोड़ने के साथ प्रदूषण मुक्ति कर दिया जाए तो देश का विकास होगा। अंत में प्रधानमंत्री को संबोधित 12 सूत्रीय मांग जिलाधिकारी को सौंपा। मांग किया कि गंगा-यमुना को प्रदूषण मुक्त और एक में मिला दिया जाए, गन्ना किसानों का बकाया नौ हजार करोड़ रुपये का भुगतान सूद सहित किया जाए, कृषि को उद्योग का दर्जा दिए जाने सहित अन्य जन समस्याओं का शीघ्र निस्तारण किया जाय।

