हिन्दू संस्कृति धर्म व जाति के लिये नहीं, बल्कि जीने की कला हैः सूर्य प्रकाश जायसवाल
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जौनपुर। भारत की संस्कृति विश्व में सर्वाेच्च थी जो आज भी है। जब राजतंत्र पर धर्मतंत्र का पहरा होगा तो हमारा देश विश्व गुरू बन जायेगा। हिन्दू संस्कृति कोई जाति व धर्म के लिये नहीं, बल्कि यह जीने की कला है। हमें किसी से बैर नहीं परन्तु हमारे धर्म पर टेढ़ी नजर रखने वालों की खैर भी नहीं। उक्त बातें छत्रपति शिवाजी राज्याभिषेक दिनोत्सव के अवसर पर बुधवार को आयोजित गोष्ठी में मां शारदा मैहर मंदिर के प्रधान न्यासी सूर्य प्रकाश जायसवाल ने कही। नगर के बारीनाथ स्थित शिशु मंदिर के पवित्र सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उपस्थित सैकड़ों स्वयंसेवकों के बीच श्री जायसवाल ने कहा कि शिवाजी महाराज ने अपने कौशल से दुश्मनों को परास्त करके वर्ष 1674 में ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी के दिन रायगढ़ किले में हिन्दवी राज्य की स्थापना की थी। वैदिक परम्परानुसार उनका राज्याभिषेक और वहीं पर उन्हें छत्रपति की उपाधि से भी विभूषित किया गया। इस मौके पर उन्हें गौ व ब्राह्मण का प्रतिपालक भी कहा गया। इसके अलावा अन्य वक्ताओं ने अपना विचार व्यक्त किया। अन्त में प्रार्थना हुई जिसके बाद सभी को प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर नगर संघ चालक धर्मवीर मोदनवाल, जिला व्यवस्था प्रमुख शिव प्रकाश मौर्य, नगर कार्यवाह अविनाश, मानिक चन्द्र सेठ, राजकुमार सेठ, राजेश श्रीवास्तव सहित तमाम गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

