भगवन के चमत्कार से खुद ही खड़ा हो गया पेड़
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21 वी सदी
में दुनिया जहा चाँद और मंगल ग्रह अभियान को अंतिम रूप देने में लगी है वही ऐसे
लोग भी है जो आज भी अंधविश्वास के मकडजाल में
फसकर किसी भी घटना को चमत्कार का रूप मानने में पीछे नही है। ऐसा ही एक मामला
देखने को मिल रहा है जौनपुर जिले के एक गाव में जहा कटा हुआ बरगद का पेड़
लोगो के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। गाव के बुजुर्ग से लेकर महिला –पुरुष और
बच्चे सभी इस पेड़ को भगवान शंकर का चमत्कार मान रहे है। लोगो का कहना है की आंधी
तूफान में गिरा हुआ ये पेड़ भगवन के चमत्कार से खुद ही खड़ा हो गया.। इसे चमत्कार
मानते हुए प्रतिदिन यहाँ सैकड़ो भक्तो का जमावड़ा लगता है.। अगल बगल के गाव के लोग
भी इस चमत्कार को देखने के लिए इकठा हो रहे है कोई नारियल फूल तो कोई अगरबत्ती और
फूलो की माला लेकर पेड़ की आरती उतार रहा है।
जिला
मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर मुफ्तीगंज विकासखण्ड के परौवा गांव के प्राथमिक
विद्यालय में जमा लोगो की ये भीड़ उस पेड़ की पूजा करने के लिए इकठा हुई है जिसे लोग
भगवान का चमत्कार मान रहे है। आधा कटा हुआ ये पेड़ बरगद का जो इस समय इस गांव के
साथ साथ अगल बगल के गांव वालो के लिए भी आस्था का केंद्र बना हुआ है। सैकड़ो की संख्या
में लोग इस गांव में आ कर पेड़ की फूल माला के साथ आरती उतार रहे है। बुजुर्ग हो
या बच्चे , महिला हो या पुरुष सभी यहाँ आकर पूजा अर्चना कर रहे है। कोई श्लोक पढ़
रहा तो कोई जयकारा लगा रहा है। पूरा गांव जयकारे से गुंजायमान है। स्थानीय लोगो
की माने तो गांव के स्कुल परिसर के अन्दर बने भगवान शिव के मंदिर के पास ही एक
पुराना बरगद का पेड़ था जिसे कुछ दिनों पहले हवा के तेज झोके ने उखड कर गिरा दिया। पेड़ गिरने के बाद गांव वालो ने पेड़ को कटवाने का काम शुरू कराया पर पेड़ का कुछ ही
हिस्सा कटा था की अचानक सावन के आखरी सोमवार के दिन पेड़ अपने आप खड़ा हो गया। फिर
क्या था उसी दिन से इस पेड़ को भगवन शंकर का चमत्कार समझा जाने लगा और पेड़ को काटना
छोड़ कर लोग पेड़ की पूजा करने लगे ।
गांव की जिस महिला ने इस पेड़ को खड़ा होते देखा
उसने बताया की सुबह 4 बजे के करीब अचानक जोर की आवाज आयी तो उसने जा कर देखा तो
पेड़ खड़ा था जिसकी सुचना महिला ने पुरे गांव में दी बस उसी के बाद पूरा गांव इस पेड़
के दर्शन को पहुचने लगा।
इसे आस्था कहे या अंधविश्वास की एक महिला
द्वारा ये कहे जाने पर की बरगद का पेड़ खुद खड़ा हो गया है इसे लोगो ने भगवान का
चमत्कार मान कर पूजा अर्चना करना शुरू कर दिया है क्योकि पेड़ के जड़ो को अगर देखे
तो एक बात साफ नजर आती है की पेड़ के जड़ की तरफ का हिस्सा भारी था और जब पेड़ आगे से
कटा तो पीछे का हिस्सा वजन होने की वजह से
पेड़ सीधा हो गया। लेकिन २१वीं सदी के ये इन्सान आज भी किसी घटना के पीछे के
वैज्ञानिक कारणों को जाने बिना ही उसे चमत्कार का नाम देने से बाज नही आ रहे।
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