ग्रामसभा की स्थापना व पंचायत क्षेत्र की घोषणा के हैं कई प्राविधानः डीएम
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जौनपुर। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया कि उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम-1947 की धारा-3 एवं धारा 11 (च) में क्रमशः ग्रामसभाओं की स्थापना व पंचायत क्षेत्र की घोषणा के सम्बन्ध में निम्नलिखित प्राविधान किया गया है। ग्रामसभा राज्य सरकार गजट में अधिसूचना द्वारा किसी ग्राम हेतु या ग्रामों के समूह हेतु एक ग्रामसभा ऐसे नाम से जैसा विनिर्दिष्ट किया जाय, स्थापित करेगी। प्रतिबन्ध यह है कि जहां ग्रामसभा ग्रामों के समूह हेतु स्थापित किया जाय, वहां सबसे अधिक जनसंख्या वाले ग्राम का नाम ग्रामसभा के रूप में विनिर्दिष्ट किया जायेगा। पंचायत क्षेत्र की घोषणा-(1) राज्य सरकार उक्त अधिनियम के प्रयोजनों हेतु अधिसूचना द्वारा किसी ग्राम या ग्रामों के समूह जिनकी जनसंख्या यथासाध्य 1 हजार हो, में समाविष्ट किसी क्षेत्र को ऐसे नाम से विनिर्दिष्ट किया जाय, पंचायत क्षेत्र घोषित कर सकती है। प्रतिबन्ध यह है कि किसी राजस्व ग्राम या उसके मजरे को पंचायत क्षेत्र की घोषणा हेतु विभाजित नहीं किया जायेगा। राज्य सरकार सम्बन्धित ग्राम पंचायत के अनुरोध पर या अन्यथा और प्रस्ताव के पूर्व प्रकाशन के पश्चात् अधिसूचना द्वारा किसी भी समय किसी पंचायत क्षेत्र के क्षेत्र में किसी ग्राम या ग्रामों के समूह को सम्मिलित करके या उससे निकालकर परिष्कार कर सकती है, पंचायत क्षेत्र के नाम में परिवर्तन कर सकती है या यह घोषणा कर सकती है कि कोई क्षेत्र पंचायत क्षेत्र नहीं रह गया है। अतः शासनादेश में दी गयी व्यवस्थानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु निम्नलिखित आदेश प्रसारित किये जाते हैं। जिलाधिकारी श्री एलवाई ने बताया कि उक्त समिति द्वारा प्रत्येक प्रार्थना पत्र/प्रस्ताव पर सम्यक् विचारोपरान्त एक स्वतः स्पष्ट आदेश पारित करते हुये उसका निस्तारण किया जायेगा और ग्राम पंचायत के क्षेत्र के परिवर्तन के सम्बन्ध में यथावश्यक प्रस्ताव निर्धारित प्रारूप पर आगामी 30 सितम्बर तक निदेशालय को प्रेषित किया जायेगा।
