विश्वविद्यालय के 115 कर्मचारी हुए परमानेंट
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जौनपुर : वीर बहादुर सिंह पूर्वाचल विश्वविद्यालय के 115 तदर्थ
कर्मचारियों के लिए सोमवार का दिन किसी दिवाली से कम नहीं था। हो भी क्यों न
शासन की तरफ से उन सभी कर्मचारियों का विनियमितीकरण जो कर दिया गया। जिसकी
लड़ाई यह कर्मचारी पिछले 24 वर्षो से लड़ रहे थे।
विश्वविद्यालय में 1991 से काम करने वाले 115 तदर्थ कर्मचारी परमानेंट नहीं हो पा रहे थे। जिस पर मायावती सरकार ने छह जून 1991 के पहले से कार्य करने वाले कर्मचारियों का विनियमितीकरण करने का आदेश दिया था। इसके लिए पद भी सृजित कर दिया था। जिसकी लड़ाई कर्मचारी समय-समय पर शासन स्तर से लड़ रहे थे। इस पर सफलता मिलने पर कर्मचारियों में खुशी का माहौल है।
इसको लेकर विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ की बैठक हुई। इसमें सरकार के इस कार्य की कर्मचारियों ने जमकर सराहना की। कहा कि इससे कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद भविष्य सुरक्षित हो जाएगा।
इस मौके पर अध्यक्ष अमलदार यादव, महामंत्री श्याम त्रिपाठी, उपाध्यक्ष डा.हरिश्चंद्र मौर्य, कृष्णकांत सिंह, रमेश यादव, उमाशंकर सिंह, रमेश सिंह, रिजवी आदि मौजूद रहे।
विश्वविद्यालय में 1991 से काम करने वाले 115 तदर्थ कर्मचारी परमानेंट नहीं हो पा रहे थे। जिस पर मायावती सरकार ने छह जून 1991 के पहले से कार्य करने वाले कर्मचारियों का विनियमितीकरण करने का आदेश दिया था। इसके लिए पद भी सृजित कर दिया था। जिसकी लड़ाई कर्मचारी समय-समय पर शासन स्तर से लड़ रहे थे। इस पर सफलता मिलने पर कर्मचारियों में खुशी का माहौल है।
इसको लेकर विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ की बैठक हुई। इसमें सरकार के इस कार्य की कर्मचारियों ने जमकर सराहना की। कहा कि इससे कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद भविष्य सुरक्षित हो जाएगा।
इस मौके पर अध्यक्ष अमलदार यादव, महामंत्री श्याम त्रिपाठी, उपाध्यक्ष डा.हरिश्चंद्र मौर्य, कृष्णकांत सिंह, रमेश यादव, उमाशंकर सिंह, रमेश सिंह, रिजवी आदि मौजूद रहे।

