काशी की दो बेटियों ने छेड़खानी और रेप के खिलाफ चलाया अनोखा अभियान
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वाराणसी. शहर से 30 किमी दूर परमंदापुर गांव की रहने वाली दो
बेटियों ने देश के लिए मिसाल कायम किया है। उनके पिता मजदूरी कर के घर का
खर्चा चलाते हैं। लड़कियों के साथ हो रहे रेप, छेड़खानी, बाल यौन हिंसा और
बाल विवाह
जैसे बुरी मानसिकता वाले लोगों को खिलाफ दोनों ने मुहीम छेड़ रखा है और
बहुत हद तक अंकुश भी लगा दिया है। याश्मीन और नंदिनी दोनों सहेली हैं।
दोनों गांवों में पंचायत लगाती हैं, नुक्कड़ नाटक करती हैं और लोगों को
विभिन्न माध्यमों से जागरूक करती हैं। इसके लिए उन्हें धमकियां भी मिल चुकी
हैं, लेकिन वे हार नहीं मानी और लगातार संघर्ष कर रही हैं।
दोनों बेटियों से जाकर गांव में मुलाकात की और
उनके मुहीम को करीब से जाना। गांव के ही विद्यालय में याश्मीन10वीं और
नंदिनी 9वीं की छात्रा हैं। दोनों गांव में पंचायत के माध्यम से ड्रामा
प्ले कर लोगों को जागरूक कर रही हैं। याश्मीन ने बताया कि उसके पिता मुन्ना हाशमी मजदूरी करते हैं। वह जब
भी सुबह स्कूल के लिए गांव से निकलती थी तो दबंग लड़के छींटाकशी के साथ
छेड़खानी किया करते थे। नंदिनी भी इन्हीं चीजों से परेशान थी। जब दोनों ने
सारी बात अपने परिजनों से बताई तो उनका घर से निकलना बंद हो गया। इसके बाद
नंदिनी और याश्मीन ने मुलाकात कर गंदी मानसिकता के खिलाफ लड़ाई का आगाज
किया और मुहीम चलाना शुरू कर दिया।
याश्मीन ने बताया कि उन्हें दबंगों ने काफी धमकियां दी, लेकिन उनका
हौसला अडिग था। वे हर तरह से इन चीजों को बंद करवाना चाहती थीं, जिससे
दूसरी लड़कियों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े। नंदिनी ने बताया
कि जो लड़के उन्हें छेड़ते थे, वे उनके घर पहुंचकर उनके परिजनों से बातचीत
करना चाही। लेकिन, उन्हें घर से भगा दिया गया। इसके बाद उन्होंने दूसरे तरह
से लोगों के जागरूक करने का अभियान चलाया।

