ठण्डी में तमाम बीमारियां शुरू कर देती हैं प्रभाव दिखानाः डा. डीएस यादव
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जौनपुर। मौसम के अनुसार मनुष्य को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। बढ़ती ठण्ड हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है, क्योंकि तमाम बीमारियां ठण्ड में प्रभाव दिखाना शुरू कर देती हैं। उक्त बातें वरिष्ठ चेस्ट फिजीशियन डा. डीएस यादव ने रविवार को आयोजित एक गोष्ठी के दौरान कही। ठण्ड के मौसम में होने वाली बीमारियों के बारे में उन्होंने बताया कि इसका मुख्य कारण तापमान एवं हवा में नमी का परिवर्तन। इसमें मरीज को सिरदर्द, थकार, बुखार होने के साथ ही नाक में स्राव होता है। गले में खसरा तो सर्दियों में आम बात है जो महज वायरस से होने वाली बीमारी है। डा. यादव ने कहा कि ठण्ड में दमा का अटैक बढ़ जाता है, क्योंकि गले में ठण्ड लग जाती है जिसके प्रभाव से सांस की नली सिकुड़ जाती है और मरीज की सांस फूलने लगती है। कोल्ड डायरिया के बारे में उन्होंने बताया कि इसके लगने से उल्टी व दस्त होती है। ठण्डी में जोड़ों का दर्द होना तय है, क्योंकि इस मौसम में व्यायाम कम रहता है। सर्दी के मौसम में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि खून की नलियां सिकुड़ने लगती हैं जिससे रक्तचाप बढ़ जाता है। कोल्ड हैण्ड नामक बीमारी के बारे में उन्होंने बताया कि इसको रेनाड फिनामेना भी कहते हैं। इस बीमारी के लगने को मतलब हाथ-पैर की अंगुलियों में खून का दौरा कम होना। इन बीमारियों से बचने का उपाय बताते हुये उन्होंने कहा कि गर्म कपड़े पहने जायं, पैर, नाक व कान को ढंकें, सफाई का विशेष ध्यान दें, डिस्पोजल सामान का प्रयोग करें, विटामिन सी युक्त फल सहित जूस, पानी, सूप का ज्यादा प्रयोग करें। हार्ट के मरीज अपनी दवाएं नियमित लें तथा सांस के पुराने रोगी टीकाकरण अपने चिकित्सक के सलाह से करायें। बचाव की बात बताते हुये डा. यादव ने कहा कि तले-भूने व ज्यादा मसालेदार चीजें न खायें, धूम्रपान का सेवन एकदम न करें, एलर्जिक मरीज बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करें तथा दमा व एलर्जी के मरीज एसी व ठण्डे पानी से बचें। इस अवसर पर तमाम चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
